Wednesday, February 18, 2026
spot_img
HomePrayagrajधर्म धर्म एवं शौर्य के प्रतीक थे महान अशोक (महापौर गणेश केसरवानी) 

धर्म धर्म एवं शौर्य के प्रतीक थे महान अशोक (महापौर गणेश केसरवानी) 

चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जन्म जयंती धर्मवीर चौराहा मुंडेरा मनाई गई इस अवसर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर गणेश केसरवानी ने भगवान बुद्ध एवं सम्राट अशोक की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और कहा कि सम्राट अशोक धर्म धम्म और शौर्य के प्रतीक है और अखंड भारत के निर्माता है उनके शासन में भारत सोने की चिड़िया बनकर संपूर्ण विश्व का गुरु था उनके जीवन में भारतीय संस्कृति के वैचारिक दर्शन दिखाई पड़ता था उन्होंने अपने शासनकाल में भारतीय शिक्षा पद्धति को मजबूत किया और शक्तिशाली समृद्धि शाली समरस भारत का निर्माण किया और कहा कि देश की आजादी के बाद मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के कारण उनके वैचारिक भारत को बनाने पर ध्यान नहीं दिया गया लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार महान अशोक के विचारों को लेकर विकसित भारत निर्माण के लिए कार्य कर रही है और कहा सम्राट अशोक की जीवन का एक संदेश है की शक्तिशाली व्यक्ति ही शांति की स्थापना कर सकता है इसलिए हमें अपने महापुरुषों की जीवन से जुड़ना होगा एक मजबूत एक भारत श्रेष्ठ भारत मिलकर हमें बनाना होगा तभी हम महान अशोक के विचारों को जन-जन तक पहुंचा पाएंगे

कार्यक्रम संयोजक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कौशांबी राजेश कुमार कुशवाहा एवं रूपेश बबलू कुशवाहा ने महापौर जी को अंगवस्त्रम पहनाकर कर स्वागत किया

इस अवसर पूर्व उपमहापौर लल्लू लाल कुशवाहा, राजेश केसरवानी,

लालचंद्र कुशवाहा, धर्मदास कुशवाहा, जसवंत सिंह कुशवाहा, सतीश कुमार कुशवाहा, राकेश जैन, पार्षद दिग्विजय सिंह, ओम प्रकाश सिंह ,अमरजीत सिंह, दीपिका सिंह, अरुण कुमार, पवन मिश्रा,रॉबिन साहू, सतीश कुमार,, विजय सिंह ,कौशल सिंह आदि समिति के कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।

 

Anveshi India Bureau

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments