प्रतापगढ़ जिले की रानीगंज तहसील स्थित भैसोना ग्राम चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणा का केंद्र बन गया है। नारायण स्वरूप हॉस्पिटल प्रयागराज के संस्थापक डॉ राजीव सिंह के भतीजे मेहुल सिंह ने नीट 2025 परीक्षा में 99 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया 9800 रैंक के साथ एमबीबीएस में चयन हासिल कर लिया है। मेहुल सिंह ने परिवार गांव और जिले का नाम रोशन किया है। मेहुल के पिता आर के सिंह एयर फोर्स से रिटायर्ड होकर अब दिलीपपुर रानीगंज में शिक्षक हैं और उनकी मां डॉक्टर रेखा सिंह चिकित्सक हैं।
भैसोना गांव में पिछले कुछ वर्षों में 12 से अधिक युवा डॉक्टर बन चुके हैं जिससे यह गांव डॉक्टर्स की फैक्ट्री के नाम से पहचाना जाने लगा है, गांव में कई परिवार के युवा नीट एग्जाम क्वालीफाई करके डॉक्टर बन रहे हैं। साथ में नर्सिंग और पैरामेडिकल में भी कई छात्र-छात्राओं का विगत कुछ वर्षों में चयन हुआ हैl यह उपलब्धि सिर्फ एक परिवार या गांव की नहीं बल्कि पूरे प्रयागराज मंडल और प्रतापगढ़ जिले की शान है।
नारायण स्वरूप हॉस्पिटल के निदेशक डॉ राजीव सिंह ने मेहुल सिंह की इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा है कि मेहुल जैसे समर्पित और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों से प्रयागराज मंडल के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती मिलती है। नई पीढ़ी न केवल अपने सपनों को साकार कर रही है बल्कि समाज को सेवा देने की दिशा में एक मिसाल बन रही है।”गांव के वरिष्ठ नागरिकों,शिक्षकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा है की यह क्षेत्रीय नवजागरण और शिक्षा के विस्तार का प्रतीक है। नारायण स्वरूप हॉस्पिटल परिवार भैसोना गांव के सभी नागरिकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का आभार जताया है।
Anveshi India Bureau



