Thursday, February 26, 2026
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Big Breaking: उमाशंकर सिंह और करीबियों के घर से 10 करोड़ कैश बरामद, ऑफिस और अन्य जगहों पर IT की कार्रवाई जारी

UP Politics News: बसपा विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के घर से 10 करोड़ कैश बरामद हुआ है। घर पर कार्रवाई पूरी हो गई है। वहीं ऑफिस और अन्य जगहों पर IT की कार्रवाई अभी जारी है। आगे पढ़ें पूरा अपडेट…

राजधानी लखनऊ में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के घर पर बुधवार से जारी आयकर टीम का छापा गुरुवार को समाप्त हो गया। उनके घर से 10 करोड़ की नकदी बरामद हुई है। अभी उनके ऑफिस और अन्य स्थानों पर कार्रवाई जारी है। विपुलखंड स्थित उनके आवास पर कार्रवाई पूरी हो गई है।

 

आयकर विभाग की तीन टीमों ने लखनऊ के गोमतीनगर में विपुल खंड स्थित उमाशंकर सिंह के आवास, उनकी कंपनी छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के कॉरपोरेट ऑफिस और वजीर हसन रोड पर करीबी ठेकेदार फैजी के ठिकानों को खंगाला। इसके अलावा सोनभद्र में साईं राम इंटरप्राइजेज कंपनी के नाम से खनन का कारोबार करने वाले उमाशंकर सिंह के करीबी सीबी गुप्ता समेत कई खनन कारोबारियों के ठिकानों को खंगाला जा रहा है। आयकर विभाग ने सुबह 11 बजे सभी ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था, जिसके बाद टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।

खनन घोटाले में आया था नाम

उमाशंकर सिंह छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी और साईं राम इंटरप्राइजेज के नाम से सड़क और खनन से जुड़े कार्य करते हैं। बीते वर्ष सीएजी (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सोनभद्र में अवैध खनन कार्यों से करीब 60 करोड़ रुपये की राजस्व की हानि हुई थी। माना जा रहा है कि सीएजी की इस रिपोर्ट के बाद ही उमाशंकर सिंह और उनके करीबियों के ठिकानों को खंगाला गया है।

 

बराती बनकर पहुंचे थे अधिकारी

 

बलिया में विधायक उमाशंकर के आवास पर छापा मारना आयकर विभाग के लिए आसान नहीं था। ऐसे में टीम सरकारी गाड़ियों के बजाय बरातियों के अंदाज में पहुंची। वाहनों पर महेंद्र कुमार संग संगीता कुमारी नाम के शादी वाले स्टीकर लगा दिए गए, ताकि किसी को शक न हो। इसी रणनीति की आड़ में अधिकारी बिना शोर-शराबे के सीधे आवास तक पहुंच गए और कार्रवाई शुरू कर दी।

 

कई ब्यूरोक्रेट निशाने पर

 

आयकर छापे में सोनभद्र और मिर्जापुर में बीते कुछ वर्षों के दौरान हुए अवैध खनन से जुड़े अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं, जिसमें कई अधिकारियों के नाम और उनको दी जाने वाली रकम का जिक्र है। आयकर विभाग को शक है कि खनन कारोबार में कई ब्यूरोक्रेट्स की काली कमाई का निवेश किया गया है, जिसके सुराग जुटाए जा रहे हैं।

 

 

Courtsyamarujala.com

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