प्रयागराज। पुस्तक का विमोचन शहर की जानीमानी समाज सेविका ऋचा माथुर एवम एडवोकेट प्रशांत माथुर के द्वारा किया गया। यह लेखक आलोक सिंह की दूसरी एवं शाम्भवी भार्गव की पहली पुस्तक है। आलोक सिंह शहर के उभरते हुए कवि के साथ साथ एक मॉडल भी हैं इसके अलावा पिछले दिनों कवि हर्ष पांडेय के साथ मिलकर एक एन.जी.ओ की भी शुरुआत की है। उनका मानना है की जिंदगी को किसी भी सीमा मे रखे बिना खुलकर जीना चाहिए और अपने सपनो के लिए लगातार मेहनत करते रहना चाहिए लेखक आलोक सिंह ने इसका अपना पुरा श्रेय पिता श्री संजय सिंह एवम माता श्रीमती सुधा सिंह को दिया । इस सपने को साकार करने मे इनके भाई अखिलेश सिंह एवम बहन रीतिका सिंह का भी बड़ा योगदान बताया । लेखिका सम्भावि भार्गव ने इलाहबाद विश्वविद्यालय से अँग्रेजी परास्नातक मे गोल्ड मेडल हासिल किया है इसके अलावा उन्होंने ने भी इस सफ़लता की प्रेरणा स्त्रोत अपनी माता प्रमिला भार्गव को बताया!

इस विमोचन मे सहर के कई युवा साहित्यकारो ने भाग लिया जिसमे हर्ष पांडेय, शिवानी जैन, इशान चन्द्रा, दिव्यांशु, आनंद, रोहित , सुमित, प्रियांशुल, अंकिता सिंह ( टी. एल. बी) , मरुफ़ा, रश्मि राधे आदि मौजूद रहे!

Anveshi India Bureau



