लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में राज्य स्तरीय छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत 18,78,726 पात्र छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 944.55 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति राशि अंतरित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ नेतृत्व और संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण प्रदेश में छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित हो गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में जहां छात्रवृत्ति वितरण में अनावश्यक विलंब और अपारदर्शिता रहती थी, वहीं वर्तमान में डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सहायता राशि सीधे विद्यार्थियों के खातों में पहुंच रही है।

मंत्री कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से अब तक प्रदेश में 37 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ प्रदान किया जा चुका है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी विकास को सशक्त आधार मिला है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं सामान्य वर्ग के सभी पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ समान रूप से पहुंचाकर उनकी बौद्धिक क्षमता का विकास करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

कार्यक्रम में पंचायत राज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री ओम प्रकाश राजभर, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड तथा अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह राज्य स्तरीय छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
Anveshi India Bureau



