प्रयागराज मण्डल कार्यालय परिसर में मण्डल रेल प्रबंधक/प्रयागराज हिमांशु बडोनी के नेतृत्व में संविधान दिवस की 75 वीं वर्षगाँठ को मनाया गया | इस अवसर पर वरिष्ठ मण्डल कार्मिक अधिकारी-प्रथम, मनीष खरे एवं वरिष्ठ मण्डल कार्मिक अधिकारी-द्वितीय, वैभव गुप्ता भी उपस्थित रहे |
इस अवसर पर प्रयागराज मण्डल में “संविधान दिवस प्रस्तावना-पाठ समारोह” का आयोजन किया गया I मण्डल रेल प्रबंधक/प्रयागराज हिमांशु बडोनी द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराया गया I
हमारा संविधान 26 नवंबर 1949 को भारत की संविधान सभा द्वारा अंगीकार किया गया था और 26 जनवरी, 1950 से प्रभावी होने के साथ भारत का संविधान हमारे राष्ट्र का सर्वोच्च कानून बन गया था । यह दस्तावेज़ हमारी मूलभूत राजनीतिक व्यवस्था, संरचना, प्रक्रियाओं, शक्तियों और सरकारी संस्थानों के कर्तव्यों का सीमांकन करता है और साथ ही मौलिक अधिकारों, नीति निर्देशक सिद्धांतों और नागरिकों के कर्तव्यों को निर्धारित करता है। यह दुनिया में किसी भी देश का सबसे बड़ा लिखित संविधान है और विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की रीढ़ है। डॉ. भीमराव आंबेडकर को भारत का संविधान बनाने में अहम भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है।
उद्देशिका
हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथ-निरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को, सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर, 1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी, संवत् दो हज़ार छह विक्रमी) को एतद्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।

Anveshi India Bureau



