व्यापक और समृद्ध पुस्तक-संग्रह से सजा ग्यारह दिवसीय प्रयागराज पुस्तक मेला इन दिनों पुस्तक प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है। आकर्षक छूट के चलते जिले भर से पाठक बड़ी संख्या में मेले का रुख कर रहे हैं। कटरा स्थित द पाम्स रिसोर्ट–रॉयल गार्डन (लक्ष्मी टॉकीज के सामने) में “विजन 2047 : विकसित भारत–विकसित प्रदेश” की थीम पर आधारित इस पुस्तक मेले के आठवें दिन गुरुवार को भी भारी भीड़ देखने को मिली।
हिंदी कहानियों, उपन्यासों और कविताओं के लिए चर्चित अनबाउंड स्क्रिप्ट के स्टॉल पर पाठकों की विशेष रुचि रही। यहां शरद त्रिपाठी की जमुनापार वाली मोहब्बत, वरुण दूबे की उस से मोहब्बत, विश्वास शर्मा की बेरोजगार इंजीनियर एवं गूंगी गन का इंसाफ तथा विजेंद्र चौहान की 3 मुलाकातें और कुछ कहानियाँ, 5 जीवों से बातें, प्रोफेसर की डायरी और लुक अराउंड UPSC 2.0 की अच्छी मांग रही।

स्टॉल प्रतिनिधि राम गोपाल शुक्ला के अनुसार आरजे कार्तिक की कर दिखाओ कुछ ऐसा, नीरज पाण्डेय की कहीं और पर कहाँ एवं प्रेम ढूंढ लेगा तुम्हें तथा गोपाल दत्त की कविताएं भी पाठकों को खूब भा रही हैं।
मेले में दिनकर पुस्तकालय का स्टॉल राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। रेणुका, हुंकार, कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, उर्वशी और संस्कृति के चार अध्याय सहित उनके गद्य व निबंध संग्रह—अर्धनारीश्वर, रेती के फूल, धूप और धुआं, आत्मा की आंखें, इतिहास के आंसू और दिनकर के पत्र—के लिए भी पाठकों की भीड़ लगी रही।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए रितेश बुक एजेंसी का स्टॉल उपयोगी सिद्ध हो रहा है, जहां सामान्य ज्ञान एवं प्रतियोगी परीक्षा गाइड पुस्तकों की सर्वाधिक मांग है।
भारतीय ज्ञानपीठ के स्टॉल पर अज्ञेय की कितनी नावों में कितनी बार, विनोद कुमार शुक्ल की नौकर की कमीज़, केदारनाथ सिंह की पानी की प्रार्थना सहित अनुवाद, क्लासिक्स—फिराक गोरखपुरी की गुल-ए-नग़मा और अमृतकांत की सूखा पत्ता—तथा शोध एवं प्राकृत साहित्य से जुड़ी पुस्तकों के लिए भी पाठक बड़ी संख्या में पहुंचे।
इसी क्रम में कलर्स ऑफ कल्चरल एंड आर्ट फाउंडेशन, प्रयागराज द्वारा भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रकवि अटल बिहारी वाजपेयी की शताब्दी जयंती मनाई गई। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रयागराज प्रदर्शनी—महाकुंभ की महागाथा तथा जासूस बब्बन बिहारी पुस्तकों का विधिवत विमोचन महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह गौड़ सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
Anveshi India Bureau



