Friday, January 23, 2026
spot_img
HomePrayagrajधर्माग्रा लर्निंग फाउंडेशन ने शुरू किया उ. प्र. का पहला टेक्नोलॉजी सक्षम...

धर्माग्रा लर्निंग फाउंडेशन ने शुरू किया उ. प्र. का पहला टेक्नोलॉजी सक्षम थेरेपी सेवा 

प्रयागराज। बच्चों के विकास, सीखने और भविष्य को लेकर एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए धर्माग्र लर्निंग फाउंडेशन ने अपने प्रयागराज केंद्र में न्यूरोलेंस बाय गैबिफाई की सदस्यता ली है।
डॉ. रिचा मिश्रा ने बताया कि धर्माग्र लर्निंग फाउंडेशन अब अत्याधुनिक AI-आधारित तकनीक से सुसज्जित हो गया है, जो बच्चों में स्पीच, भाषा और न्यूरो-डेवलपमेंटल चुनौतियों की शुरुआती पहचान को और अधिक सटीक, तेज़ और सुलभ बनाएगा।
आज के समय में जब हज़ारों बच्चे सही समय पर पहचान न होने के कारण उचित सहायता से वंचित रह जाते हैं, ऐसे में यह पहल प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक आशा की नई किरण बनकर उभरी है।
न्यूरोलेंस बाय गैबिफाई : समय से पहचान, सही दिशा
न्यूरोलेंस बाय गैबिफाई के संस्थापक साहिल अरोरा ने बताया कि यह एक AI-संचालित डिजिटल स्क्रीनिंग टूल है, जो बच्चे के व्यवहार, संवाद और विकासात्मक संकेतों के आधार पर संभावित स्पीच और न्यूरोलॉजिकल चुनौतियों की शुरुआती समझ प्रदान करता है। यह न तो डॉक्टर की जगह लेता है, न ही निदान करता है — बल्कि माता-पिता और विशेषज्ञों को समय रहते सही निर्णय लेने में सक्षम बनाता है।
माता-पिता के लिए बड़ा लाभ
धर्माग्र लर्निंग फाउंडेशन में न्यूरोलेंस की शुरुआत से:
•माता-पिता को तेज़, किफायती और वैज्ञानिक स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी
•बच्चों की चुनौतियों को शुरुआती चरण में समझने में मदद मिलेगी
•समय पर थेरेपी और विशेषज्ञ परामर्श की दिशा तय हो सकेगी
•अनिश्चितता, डर और भ्रम के स्थान पर स्पष्टता और आत्मविश्वास आएगा
यह तकनीक खासतौर पर उन परिवारों के लिए वरदान है जो समय, संसाधनों या विशेषज्ञों की कमी के कारण अब तक सही मार्गदर्शन नहीं पा सके थे।
प्रयागराज से बदलाव की शुरुआत
धर्माग्र लर्निंग फाउंडेशन द्वारा इस तकनीक को अपनाना यह दर्शाता है कि समाज सेवा और तकनीक मिलकर वास्तविक बदलाव ला सकते हैं। यह पहल न केवल संस्थान को तकनीकी रूप से सशक्त बनाती है, बल्कि प्रयागराज को समावेशी और आधुनिक शिक्षा एवं देखभाल की दिशा में एक कदम आगे ले जाती है।
न्यूरोलेंस बाय गैबिफाई के साथ धर्माग्र लर्निंग फाउंडेशन का यह प्रयास आने वाले समय में सैकड़ों नहीं, बल्कि हज़ारों बच्चों और परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है।
Anveshi India Bureau
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments