टीईटी-2026 के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह समझौता चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन प्रयागराज के एलनगंज स्थित आयोग कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आयोग को उन्नत डिजिटल भुगतान समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।
बैंक द्वारा “ई-पे” गेटवे सेवा को सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है, जिसके माध्यम से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पंजीकरण शुल्क का संग्रह अब तेज, सुरक्षित और बेहद सुगम तरीके से किया जा सकेगा। विशेष बात यह है कि यह सेवा अभ्यर्थियों के लिए पूरी तरह निशुल्क होगी, जिससे उन्हें किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
समारोह में आयोग के सचिव मनोज कुमार और बैंक की ओर से उपमहाप्रबंधक पवन कुमार अरोरा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके पश्चात आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार एवं बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपक कुमार डे द्वारा एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान किया गया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक राजीव कुमार, सहायक महाप्रबंधक स्वदेश श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। एमओयू के समन्वय में मुख्य प्रबंधक गरिमा श्रीवास्तव एवं शाखा प्रबंधक राजेश कुमार साहू (कर्नलगंज) की विशेष भूमिका रही।
अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार ने कहा कि यह साझेदारी अभ्यर्थियों को पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे आवेदन प्रक्रिया न केवल आसान होगी, बल्कि डिजिटल लेनदेन को भी व्यापक बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में आयोग एवं बैंक के सभी वरिष्ठ अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को डिजिटल भारत की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
Anveshi India Bureau



