प्रयागराज। हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज के फैशन डिजाइन विभाग की ओर से ‘डिजाइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन अपैरल’ विषयक छ: दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। शनिवार को कार्यशाला की समाप्ति पर बीवोक नोडल अधिकारी प्रो. नसरीन बेगम ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा यह एक ऐसा हुनर है जो हमेशा काम आने वाला है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों के कपड़े आमतौर पर विशिष्ट गुण और लाभ के अलावा खूबसूरती के आधार पर बनाए जाते हैं। ये कपड़े मुलायम और आरामदायक भी होना चाहिए। कॉलेज की प्राचार्या प्रो. नासेहा उस्मानी ने सभी छात्राओं को बधाई दिया और कहा कार्यशाला में जो कुछ आप लोगों ने सीखा है, उससे अपना शौक पूरा करने के साथ स्टार्टअप भी कर सकते हैं।

छ: दिवसीय कार्यशाला में शैशवावस्था से बढ़ती उम्र तक के बच्चों के लिए नये-नये परिधान के पैटर्न बनाने, काटने और सिलने की शैली बताई गई। नवजात शिशु के सेट, डंगरी पोशाक, लाइन फ्रॉक, स्कर्ट/ट्यूनिक आदि बनाना सिखाया गया। छात्राओं के द्वारा किए गए कार्य, लगन और मेहनत के आधार पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को प्रशस्ति पत्र व उपहार भी दिये गये।
इस मौके पर डॉ. शमा रानी, एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. मोनिषा गुप्ता, सुश्री नबिया एवं सुश्री हर्षिता फैशन डिजाइन फैकल्टी छात्राएं उपस्थिति रही।
Anveshi India Bureau



