यूक्रेन-रूस युद्ध की थीम पर बने स्काई पटाखे पसंद आ रहे हैं, जो 200 फीट ऊपर जाकर बजेंगे। पटाखा कारोबारी कादिर भाई ने बताया कि इस दिवाली पटाखा बनाने वाले कारीगर अंतरराष्ट्रीय युद्ध में प्रयोग की जाने वाली मिसाइल, ड्रोन बम और हेलीकॉप्टर की तर्ज पर पटाखे बना रहे हैं, जिसे खूब पसंद किया जा रहा है।
दिवाली से पहले बाजारों में पटाखों की दुकानें सज गई हैं। खरीदारी के लिए दुकानों पर अभी से लोगों की भीड़ जुटने लगी है। स्टॉल पर विभिन्न प्रकार की आतिशबाजी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। खासताैर पर लोगाें को यूक्रेन-रूस युद्ध की थीम पर बने स्काई पटाखे पसंद आ रहे हैं, जो 200 फीट ऊपर जाकर बजेंगे। पटाखा कारोबारी कादिर भाई ने बताया कि इस दिवाली पटाखा बनाने वाले कारीगर अंतरराष्ट्रीय युद्ध में प्रयोग की जाने वाली मिसाइल, ड्रोन बम और हेलीकॉप्टर की तर्ज पर पटाखे बना रहे हैं, जिसे खूब पसंद किया जा रहा है।
कंपनियों ने इन सभी पटाखों के नाम भी विदेशी युद्ध मिसाइलों और ड्रोन बम के नाम पर रखा है। इनमें बंबारा मिसाइल, जेलेक्स, जिलजिल, मोनीपॉली, एलॉटर, पेनीस और शिव आकाशीय जैसे स्काई पटाखे शामिल हैं। इन सभी पटाखों की कीमत 100 से 200 रुपये पैकेट है। यह पटाखे आसमान में रंग-बिरंगे सितारों जैसी मनमोहक रोशनी भी फैलाएंगे। इन सबके अलावा बच्चों के 100 दानों की ग्रीन रंग का चटाई पटाखा आया है, जो बिल्कुल नया है।
देसी बम और पटाखों से रहें दूर, सरकार द्वारा प्रमाणित पटाखे ही छुड़ाएं
पटाखा कारोबारी बताते हैं कि पटाखा जितना मनोरंजन पूर्ण है, वह उतना ही खतरनाक है। जब भी पटाखा बजाएं सावधानी जरूर बरतें। गांव और मोहल्लों में बने देसी बम व पटाखों से दूर रहें। यह पटाखे प्रदूषण के साथ अधिक विस्फोटक होते हैं, जिससे जानमाल का खतरा रहता है।
Courtsy amarujala.com



