जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को तहसील सदर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जनशिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता कतई स्वीकार्य नहीं होगी।

समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस एवं अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों को सुनते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों की जमीनी स्तर पर जांच कर निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, विलंब या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। शिकायतकर्ता का फीडबैक लेकर यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वह समाधान से संतुष्ट हो। वरासत, अवैध कब्जा समेत अन्य मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष बल दिया गया।
इस दौरान एक गंभीर शिकायत सामने आई, जिसमें ग्राम हटवा निवासी अबु हुजैफा ने आरोप लगाया कि लेखपाल सुशील शुक्ला ने जमीन की पैमाइश और कब्जा मुक्त कराने के नाम पर 5 लाख रुपये लिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (नगर) सत्यम मिश्र को जांच सौंपते हुए संबंधित लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में कुल 102 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें राजस्व विभाग की 37, नगर निगम की 19, पुलिस विभाग की 14 तथा अन्य विभागों की 32 शिकायतें शामिल थीं। इनमें से 8 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों के लिए संबंधित अधिकारियों को समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य, अपर जिलाधिकारी (नगर) सत्यम मिश्र, उपजिलाधिकारी सदर अभिषेक सिंह, तहसीलदार अनिल पाठक, परियोजना निदेशक भूपेन्द्र कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी जी.पी. कुशवाहा, जिला पंचायत राज अधिकारी रविशंकर द्विवेदी, जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Anveshi India Bureau



