प्रयागराज l सांस्कृतिक संस्था “एकता” द्वारा विजय पंडित लिखित नाटक “शिवाजी” का मंचन युवा रंगकर्मी पंकज गौड़ के निर्देशन में ब्लू बेल स्कूल के सभागार में किया गया ।नाटक के माध्यम से सभी भेद भाव,दुश्मनी को भूलकर नारियों की अस्मिता सम्मान की रक्षा करने का संदेश दिया गया।

संस्कृति निदेशालय उत्तर प्रदेश के सहयोग से मंचित नाटक “शिवाजी” के शासनकाल में घटित कुछ प्रमुख घटनाओं पर आधारित था। शिवाजी एक कट्टर हिंदुत्ववादी शासक होने के बावजूद सभी धर्म, संप्रदाय की महिलाओं का आदर व सम्मान करता है।उसने अपने राज्य में मुनादी करा दी कि उसके शासन में कोई भी किसी महिला को अपमानित करने का दोषी पाया गया तो उसको कठोर दंड दिया जायेगा। शिवाजी की मुस्लिम शासकों से कट्टर दुश्मनी ज़रूर थी पर वह उनकी भी महिलाओं के साथ भी किसी प्रकार के अत्याचार के सख्त खिलाफ था। बालवाड़ी किले की किलेदार सावित्री बाई देसाई को शिवाजी शासन के सरदार सुकूजी ने एक युद्ध में पराजित करने के बाद बहुत अपमान भी किया,यह बात शिवाजी तक पहुंचती है तो वह बहुत क्रोधित होता है,वह कहता है कि युद्ध में किसी को पराजित करना अच्छी बात है किंतु पराजित महिला का अपमान करना घृणित कार्य है और मैं इसको सहन नहीं कर सकता। शिवाजी सुकूजी की आँखें निकलवा लेता है और उसको आजीवन कारावास की सजा सुना देता है। इसी प्रकार से एक दूसरी घटना में कल्याण के किले को जीत कर उसके सैनिक औरंगजेब की बहन रोशन आरा को बंदी बना कर शिवाजी के सामने प्रस्तुत करते हैं तो यह देख शिवाजी क्रोध से तिलमिला उठते हैं और अपने सैनिकों को चेतावनी देते है कि दोबारा किसी महिला के साथ ऐसा व्यवहार किया तो मृत्यु दंड दिया जायेगा। वह रोशन आरा से क्षमा मांगता है और उसको एक पालकी में बैठाकर ससम्मान उसके घर पहुंचवाता है। इसी प्रकार की अन्य घटनाओं को भी बहुत ही सहजता से मंच पर प्रस्तुत किया गया।निर्देशकीय पक्ष तो मजबूत था साथ ही कलाकारों ने भी अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों को बहुत प्रभावित किया।
शिवाजी की भूमिका में शुभेंदु कुमार, जीजाबाई की भूमिका में श्रिया सिंह,रोशन आरा की भूमिका में प्रगति रावत,सुकूजी की भूमिका में आकाश अग्रवाल,दिलेर खान की भूमिका में अभिषेक गिरी,राय बाघिन की भूमिका में शीला कुमारी ने अपने प्रभावपूर्ण अभिनय से दर्शकों को बहुत प्रभावित किया। इसके अलावा सैनिक की भूमिकाओं में अमन सिंह,पृथ्वी शर्मा,बृजेंद्र कुमार सिंह थे। रूप सज्जा हामिद अंसारी, वस्त्र विन्यास राखी,गरिमा बनर्जी, मुस्कान वाधवानी,संगीत संयोजन प्रशांत वर्मा,सेट निर्माण व प्रकाश संचालन निखिलेश कुमार मौर्य का था। परिकल्पना व निर्देशन पंकज गौड़ ने किया।संस्था के महासचिव जमील अहमद ने अतिथियों का स्वागत किया।
Anveshi India Bureau



