भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद ,नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित पांच दिवसीय रिसर्च मेथाडोलॉजी कोर्स, नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय प्रयागराज के शशि परिसर ,शोध केंद्र में उद्घाटन सत्र काे सम्बाेधित करते हुए बताैर मुख्य अतिथि ईश्वर शरण पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्राे० आनंद शंकर सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सीखने की प्रक्रिया शिक्षा है वही अंडरस्टैंडिंग है। ज्ञान का विस्तार ही शाेध है। हमारा सम्पूर्ण चिंतन हमारे शाेध में कहां है ये भी विचार करना आैर इसका समावेशन करना जरूरी। आपका शाेध भारतीयता काे आत्मसात् करते हुए आगे बढ़ना चाहिये। अध्यक्षीय उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्राे० राेहित रमेश ने कहा कि रिसर्च पैराडाइम पर इस तरह के कार्यक्रम शाेध की गुणवत्ता के लिए आवश्यक हैं। शाेधार्थियाें के लिए गहनता से रिसर्च मेथडलॉजी की समझ हाेनी चाहिए।

काशी विद्यापीठ के प्राे० रमाशंकर त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि रिसर्च मेथडलॉजी आैर पैराडाइम्स काे भी कम कर के नहीं आंका जा सकता है, शिक्षकाें, शाेधार्थियाें के लिए यह कार्यशाला महत्वपूर्ण है।
प्रति कुलपति डॉ० एस०सी० तिवारी ने कहा कि रिसर्च मेथडलॉजी के पांच दिवसीय काेर्स से शाेध छात्रों काे रिसर्च डिजाइन बनाने में लाभ हाेगा।
स्वागत भाषण कार्यक्रम संयाेजक डॉ० राघवेंद्र मालवीय ने किया। विश्वविद्यालय का परिचय डॉ० रमेश चंद्र मिश्रा ने किया। कार्यक्रम का परिचय डॉ० विधुशेखर पाण्डेय ने दिया। उद्घाटन सत्र में ही डॉ राघवेंद्र मालवीय एवं डॉ साधना त्रिपाठी के पुस्तक का लाेकार्पण किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ० हिमांशु शेखर सिंह ने तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव श्री एस०एस० मिश्रा ने दिया। उद्घाटन सत्र के पश्चात दो तकनीकी सत्रों का भी आयोजन हुआ। प्रथम तकनीकी सत्र के वक्ता प्रो पी के पांडेय उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय एवं दूसरे तकनीकी सत्र के वक्ता डॉ सब्यसाची, संकायाध्यक्ष शैक्षिक , नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय रहे।
कार्यक्रम में डॉ आलोक मिश्रा, डॉ श्रावण कुमार, डॉ संतेश्वर मिश्रा , डॉ विधु शेखर, डॉ शिवाश्रेय यादव, डॉ देवेंद्र यादव, डॉ किरण सिंह, सहित देश भर के कई विश्वविद्यालय के शोध छात्र, शिक्षकगण बड़ी संख्या में माैजूद रहे।
Anveshi India Bureau



