Friday, January 23, 2026
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High Court : स्कूल में बज्म-ए-विरासत महोत्सव के आयोजन को मिली अनुमति, व्यावसायिक कार्यक्रमों पर रोक बरकरार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिशप जॉनसन स्कूल एंड कॉलेज में होने वाले बज्म-ए-विरासत महोत्सव को हरी झंडी दे दी है। साथ ही कोर्ट ने यह भी दोहराया कि स्कूलों में व्यापार मेलों, शादियों और लाभ कमाने वाली गतिविधियों पर रोक प्रभावी रहेगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिशप जॉनसन स्कूल एंड कॉलेज में होने वाले बज्म-ए-विरासत महोत्सव को हरी झंडी दे दी है। साथ ही कोर्ट ने यह भी दोहराया कि स्कूलों में व्यापार मेलों, शादियों और लाभ कमाने वाली गतिविधियों पर रोक प्रभावी रहेगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने गिरजा शंकर की जनहित याचिका पर दिया है। याची ने जनहित याचिका दायर कर विद्यालय में बज्म-ए-विरासत महोत्सव के आयोजन के लिए अनुमति मांगी थी। याची अधिवक्ता ने दलील दी कि यह कार्यक्रम छुट्टियों के दौरान आयोजित किया जाना है।

 

यह एक गैर लाभकारी सांस्कृतिक कार्यक्रम है। ऐसे में उन्हें इसके लिए 19 से 21 दिसंबर 2025 तक अनुमति दी जाए। यह कार्यक्रम प्रयागराज व आसपास की संगीत, साहित्य, संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा है। साथ ही उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को दिखाने वाले कार्यक्रम होंगे। टिकट से मिली रकम को आयोजन में खर्च किया जाएगा। देश-विदेश के कलाकारों को आमंत्रण भेजे जा चुके हैं। मो.कैफ, सुरेश रैना, आरपी सिंह, शेखर कपूर, आशुतोष गोवारिकर, इम्तियाज अली, अनुराग बसु आदि को आमंत्रण भेजा जा चुका है।

कहा कि हाईकोर्ट के 14 अक्तूबर 2025 के आदेश के मद्देनजर प्रशासन कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं दे रहा है। ऐसे में स्कूल प्रशासन भी अनुमति देने में हिचकिचा रहे हैं। खंडपीठ ने माना कि बज्म-ए-विरासत महोत्सव किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि नहीं है। कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक गतिविधियां अवकाश के कारण प्रभावित नहीं होंगी।

कोर्ट ने अपने आदेश में यह दोहराया कि 14 अक्तूबर की पाबंदियों का उद्देश्य स्कूलों के शैक्षणिक माहौल की रक्षा करना था, न कि सांस्कृतिक गतिविधियों को रोकना। साथ ही पीठ ने यह भी चेतावनी दी कि इस मामले को किसी तरह की ढील या मिसाल के रूप में न लिया जाए। यदि आदेश की भावना के विरुद्ध जाकर स्कूल परिसरों का व्यावसायिक दुरुपयोग करने की शिकायत मिली तो कोर्ट कठोर कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।

 

 

Courtsyamarujala.com

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