Friday, January 23, 2026
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राज्य सलाहकार बोर्ड की सातवीं बैठक में लिए गए अहम नीतिगत निर्णय

लखनऊ।  दिव्यांगजनों के अधिकारों के संरक्षण और उनके सशक्तिकरण को लेकर योगी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बात पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने मंगलवार को योजना भवन स्थित सभाकक्ष में आयोजित दिव्यांगता पर गठित राज्य सलाहकार बोर्ड की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, विधायकों एवं बोर्ड सदस्यों ने दिव्यांगजनों के कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे, जिन पर विस्तृत चर्चा के बाद नीतिगत निर्णय लिए गए। मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, आत्मनिर्भर और बाधारहित जीवन उपलब्ध कराने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं का लाभ दिव्यांगजनों तक समयबद्ध और निष्पक्ष रूप से पहुंचाया जाए।

मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 11 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को 1000 रुपये प्रतिमाह (12,000 रुपये वार्षिक) भरण-पोषण पेंशन दी जा रही है, जबकि वर्ष 2017 से पूर्व यह राशि मात्र 300 रुपये प्रतिमाह थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंशन भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

 

बैठक में दिव्यांगजनों के निःशुल्क आवागमन, रोडवेज बसों में आरक्षित सीटों के पालन, कॉक्लियर इम्प्लांट के बाद रख-रखाव तथा दिव्यांगजनों की वास्तविक स्थिति के आकलन के लिए समग्र डेटा प्रणाली विकसित करने पर चर्चा की गई। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) स्थापित करने का निर्णय लिया जा चुका है, जिससे उपचार, उपकरण मरम्मत और परामर्श की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी।

नगर विकास विभाग को निर्देश दिए गए कि सभी शासकीय एवं सार्वजनिक भवनों, पार्कों, शौचालयों और सार्वजनिक स्थलों को दिव्यांगजनों के लिए पूर्णतः बाधारहित बनाया जाए। परिवहन विभाग को रोडवेज बसों में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने तथा चार आरक्षित सीटों के शासनादेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को सभी विभागीय वेबसाइटों को सुगम्य भारत अभियान के मानकों के अनुरूप दिव्यांगजन-अनुकूल बनाने को कहा गया।

शिक्षा विभागों को दिव्यांग बच्चों के सर्वेक्षण, विशेष शिक्षकों की उपलब्धता तथा शैक्षणिक संस्थानों में रैम्प, लिफ्ट और बाधारहित शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राज्याधीन सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और शिक्षण संस्थानों में 5 प्रतिशत आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।

अंत में मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी दिव्यांगजन योजनाओं और अधिकारों से वंचित न रहे। उन्होंने सभी विभागों को राज्य सलाहकार बोर्ड के निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में विधायक ध्रुव त्रिपाठी, रामवीर सिंह एवं देवेंद्र प्रताप, प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा, विशेष सचिव अमर नाथ उपाध्याय, राज्य आयुक्त दिव्यांगजन हिमांशु शेखर झा सहित राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

Anveshi India Bureau

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