Wednesday, February 25, 2026
spot_img
HomeSportsIND vs ZIM: अक्षर पटेल को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में मिल...

IND vs ZIM: अक्षर पटेल को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में मिल सकता है मौका, नेट सत्र में 30 मिनट तक की गेंदबाजी

भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले ट्रेनिंग सत्र में जमकर पसीना बहाया। अक्षर पटेल ने इस दौरान नेट्स पर गेंदबाजी की। उम्मीद की जा रही है कि उन्हें प्लेइंग-11 में शामिल होने का मौका मिल सकता है।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद भारतीय टीम की नजरें वापसी पर टिकी हुई हैं। भारत का सामना अब गुरुवार को चेन्नई में जिम्बाब्वे से होगा। भारत को अगर सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहना है तो उसे हर हाल में जिम्बाब्वे को हराना होगा। भारत ने मंगलवार को जमकर अभ्यास किया और इस दौरान सबसे ज्यादा ध्यान अक्षर पटेल पर रहा। अक्षर को पिछले दो मैच से आराम दिया गया था जिसकी कड़ी आलोचना हुई थी।

प्लेइंग-11 में मौका मिलने की संभावना

अक्षर पटेल ने नेट सत्र के दौरान लगभग 30 मिनट तक अपनी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी को निखारा जिससे जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत के करो या मरो के मैच की प्लेइंग-11 में उनकी संभावित वापसी का संकेत मिलता है। अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच में वॉशिंगटन सुंदर को अक्षर पर तरजीह दी गई थी। क्रिकेट के नजरिए से यह कोई गलत विचार नहीं था क्योंकि टीम प्रबंधन पावरप्ले में दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के दो आक्रामक बल्लेबाजों क्विंटन डिकॉक और रेयान रिकेल्टन के खिलाफ वॉशिंगटन की ऑफ स्पिन का इस्तेमाल करना चाहता था। लेकिन भारत की यह रणनीति कामयाब नहीं हो पाई क्योंकि जसप्रीत बुमराह ने डिकॉक और रिकेल्टन को जल्दी आउट कर दिया।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन रन की हार ने भारत के लिए बचे हुए दो सुपर आठ मैच को जीतना अनिवार्य बना दिया है और इसमें से पहला मैच गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ होगा। जिम्बाब्वे के भी शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के दो बल्लेबाज सलामी बल्लेबाज ताडी मारुमानी और चौथे नंबर पर रेयान बर्ल हैं। तो क्या वाशिंगटन एकादश में अपनी जगह बरकरार रख पाएंगे या अक्षर की वापसी होगी।

कुलदीप भी होंगे शामिल?

रिंकू सिंह के उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में वॉशिंगटन को हटाए बिना अक्षर को खिलाया जा सकता है। भारत में पास हालांकि कुलदीप यादव को भी टीम में शामिल करने का विकल्प है। अक्षर सुपर आठ और उसके बाद के मुकाबलों के लिए चुने जाने के दावेदार हैं क्योंकि वह स्टंप्स को निशाना बनाने की अपनी काबिलियत के लिए जाने जाते हैं। उन्हें अब तक तीन मैच में 12.16 के औसत और 6.63 की इकॉनोमी से छह विकेट लिए हैं।

कैसी हो सकती है पिच

जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के लिए चेन्नई की पिच लाल और काले रंग के मिश्रण वाली होने की उम्मीद है जिसमें काले रंग की मिट्टी अधिक होगी जो बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने की आजादी देगी। ऐसी स्थिति में अक्षर की अहमियत बढ़ जाती है। यहां तक कि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी कहा था कि टीम का चयन पूरी तरह से आंकड़ों पर नहीं बल्कि खिलाड़ी की अहमियत पर आधारित होता है।

 

 

 

Courtsyamarujala.com

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments