ईरान में प्रयागराज से भी बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं। वहां अचानक हुए इस्राइली व अमेरिकी हमले के बाद प्रयागराज के लोगों को अब अपनों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
इन्हीं में से एक हैं हंडिया के भोपतपुर गांव निवासी मौलाना मुदब्बिर हुसैन जो रमजान में घर आए हुए हैं। इनकी पत्नी कनीज बानो ईरान के कुम शहर के एक मदरस में पढ़ाती हैं और पीएचडी स्कॉलर हैं। मुजब्बिर अपनी पत्नी की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कनीज बानो के भांजे औन प्रतापगढ़ी ने बताया कि शनिवार दोपहर मौसी से बातचीत हुई थी, वह सुरक्षित हैं।
वहीं, रानीमंडी प्रयागराज निवासी मौलाना जीशान हैदर अपनी पत्नी व बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। मौलाना हैदर हर साल रमजान में यहां बक्शी बाजार में नमाज पढ़ाने आते हैं और इस बार भी इसी सिलसिले में यहां आए हुए हैं। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद ईरान में इंटरनेट बंद कर दिया गया, जिसकी वजह से पत्नी व बेटे से बात नहीं हो पा रही है।
वह अपने परिवार के साथ एक दशक से ईरान के कुम शहर में रह रहे हैं। कुम में भी हमला हुआ है, लेकिन शहर अभी सुरक्षित है। कुम के बाहरी हिस्से में हमले ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। वहां की सरकार ने गाइडलाइन जारी की है। लोग घर में ही नमाज और दुआ कर रहे हैं। इसी तरह ईरान के कुम शहर के एक मदरसे में अरबी-फारसी की उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे भोपतपुर हंडिया निवासी कुशा अली के परिवार के लोग भी उनकी सुरक्षा को लेकर परेशान हैं।
भोपतपुर हंडिया निवासी मोहम्मद कैफी भी ईरान के कुम शहर में रहकर एक मदरसे में अरबी-फारसी की पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, प्रयागराज में शिया समुदाय के प्रख्यात स्कॉलर रहे मौलाना जीशान हैदर जवादी के नवासे सज्जाद हैदर भी ईरान के कुम शहर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। दमगढ़ा हंडिया के मोहम्मद रिजवान भी ईरान में फंसे हैं। इन सभी लोगों के परिवार वाले इनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और उनका पूरा दिन टीवी के सामने समाचार देखने में बीत रहा है।
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