वादी श्याम नारायण ने अपने बयान में कहा कि बंदूक लेकर छोटे लाल के होटल में पूर्व विधायक विजय मिश्रा व उनके साथी घुसे थे। वह और उनके भाई प्रकाश जमानत के सिलसिले में वकील से बात कर रहे थे। रंजिश के कारण उनके भाई प्रकाश की हत्या कर दी गई।
कचहरी परिसर में दिनदहाड़े हत्या में 44 साल बाद मंगलवार को जिला अदालत में गवाही शुरू हुई। पहले दिन अभियोजन की ओर से मृतक के भाई मुकदमा वादी श्याम नारायण पांडेय ने तहरीर दोहराई। कहा, बंदूक लेकर छोटे लाल के होटल में पूर्व विधायक विजय मिश्रा व उनके साथी घुसे थे। वहीं, विजय के वकील चीफ डिफेंस काउंसिल विकास गुप्ता ने जिरह की, लेकिन पूरी नहीं हुई। कोर्ट ने शेष जिरह के लिए अगली तारीख 21 दिसंबर नियत की है।
मामले का ट्रायल एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डाॅ. दिनेश चंद्र शुक्ला की अदालत में चल रहा है। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि व एडीजीसी सुशील वैश्य ने मुकदमा वादी श्याम नारायण पांडेय को गवाही के लिए पेश किया। श्याम नारायण ने कर्नलगंज थाने दी गई तहरीर की पुष्टि की।
कहा कि घटना वाले दिन वह अपने भाई प्रकाश संग उनकी जमानत कराने कचहरी पहुंचे थे। छोटे लाल के होटल में बैठकर वकील से मुकदमे के सिलसिले में बात कर रहे थे। इसी बीच विजय मिश्रा, संतराम, बलराम व जीत नारायण बंदूक लेकर होटल में घुस आए। रंजिश के कारण भाई की हत्या कर दी गई।
मुकदमे की सुनवाई के लिए जब पत्रावली अदालत पहुंची तो सभी साक्ष्य गायब मिले थे। पत्रावली में केस डायरी, आरोप पत्र, प्रथम सूचना रिपोर्ट, नकल, जीडी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल का नजरी नक्शा के साथ अभियोजन प्रपत्र का भी कुछ पता नहीं था। हालांकि, एडीजीसी सुशील वैश्य ने बाताया कि कोर्ट के आदेश के बाद सभी पत्रावलियां संयोजित की गई हैं। गवाही के दौरान पूर्व विधायक विजय मिश्रा को आगरा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश किया गया था।
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