Wednesday, February 18, 2026
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प्रेमाराय के काव्य संग्रह “पत्थर बोलते हैं ” का हुआ लोकार्पण एवं काव्यगोष्ठी

लोकरंजन प्रकाशन एवं शहर समता विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में वरिष्ठ कवयित्री प्रेमा राय के काव्य संग्रह “पत्थर बोलते हैं ” के लोकार्पण का आयोजन आज हिन्दुस्तानी एकेडमी के सभागार में मारूफ शाइर अनवार अब्बास नकवी की अध्यक्षता में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। इस आयोजन के मुख्य अतिथि रही डॉ ऊषा मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि रहें प्रो. रवि मिश्रा एवं डॉ० प्रदीप चित्रांशी। आयोजन का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ तत्पश्चात रचना सक्सेना एवं सरिता मिश्रा ने वाणी वंदना प्रस्तुत की ।

यह आयोजन दो सत्र में किया गया। पहले सत्र में प्रेमा राय की पुस्तक ‘पत्थर बोलते है का विमोचन हुआ जिसका संचालन उमेश श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डॉ ऊषा मिश्रा ने कहा ने’ इनकी कविताओं में एक स्वभाविक प्रवाह है और भारतीय संस्कृति की परम्पराओं का पूर्ण रूप से निर्वहन करते हुए गणेश वंदना से कविताओं का प्रारम्भ किया है’ प्रो. रवि मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुऐ कहा कि ‘इतिहास संस्कृति और समय से संवाद करती हुई संवेदनशील स्त्री मन की रचनाएँ अत्यन्त प्रभावित करती है’ डॉ प्रदीप चित्रांशी जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुऐ कहा कि’ संवेदनाओं की भूमि पर रचनाकार ने पत्थरो से संवाद करते हुए पत्थरो की तन्हाइयों से अपने पाठकों को रुबरू कराने का एक सफल प्रयास किया’ अंत में अध्यक्षता करते हुए मारुफ शाइर अनवार अब्बास नकवी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘प्रेमाराय जी की कविताओं में वह समस्त विशेषाए पाई जाती है जो गंभीर और परिपक्व साहित्य के लिए आवश्यक है’ वक्ता डाॅ कल्पना वर्मा ने कहा कि प्रेमा राय की रचनाओं में प्रकृति, प्रेम और भारतीय संस्कृति के संदेश विविध रंगों में हैं जो मन से निकले हैं और मन तक जाते हैं ” डॉ सविता श्रीवास्तव ने कहा प्रेमा राय ने’ इस कविता संग्रह में हर विषय को समेटने का प्रयास किया है’

दूसरे सत्र में काव्यगोष्ठी हुई जिसका संचालन उमेश श्रीवास्तव ने किया जिसमें रवि कुमार मिश्रा, प्रदीप कुमार चित्रांशी, संजय सक्सेना, भगवान प्रसाद उपाध्याय, रंजन पाण्डेय, मुरारी मोहन, डाॅ वीरेन्द्र कुमार तिवारी, के पी गिरि, पाल प्रयागी, डॉ पूर्णिमा पाण्डेय, रचना सक्सेना, अनीता शर्मा, नीना मोहन श्रीवास्तव, ऊषा मिश्रा कल्पना वर्मा, सरिता मिश्रा, विजयलक्ष्मी विभा, सुनील दनिश, अशोक श्रीवास्तव, पं हीरा लाल पाण्डेय, जय श्री श्रीवास्तव, डाॅ पी के सिन्हा, डाॅ वी के श्रीवास्तव, लालता यादव, विनिता राय फरमूद इलाहाबादी, सेलाल इलाहाबादी, प्रियंका त्रिपाठी, गीता सिंह, नीलम पाण्डेय,, डॉ इन्दु जग्दमपुरी, गंगा प्रसाद तिवारी, माधुरी श्रीवास्तव, नीलम श्रीवास्तव, दीपा खन्ना, मीरा सिऐ, मधुलिका मालवीय, रश्मि गुप्ता, जया मिश्रा, अर्चना लाल, किरण बाला पाण्डेय, विनीता श्रीवास्तव, आजाद श्रीवास्तव, डाॅ सविता कुमारी श्रीवास्तव, मिली संजय श्रीवास्तव आदि ने काव्य पाठ किया। इस अवसर पर. सौरभ राय ने भी अपनी माँ को हार्दिक बधाईयाँ दी एवं सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

 

Anveshi India Bureau

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