जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय कौशाम्बी के तत्वावधान में दिनांक 22 जनवरी 2026 को बेला देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेंवढ़ा (चायल) में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित महत्वपूर्ण निर्णयों का प्रचार-प्रसार, नशा मुक्त भारत एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, शोषण के विरुद्ध अधिकार, पॉश एक्ट तथा बच्चों के अधिकारों से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
पराविधिक स्वयंसेवक ममता दिवाकर ने पॉक्सो अधिनियम (यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012) पर जानकारी देते हुए बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत गंभीर अपराधों में मृत्युदंड तक का प्रावधान है। उन्होंने यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पॉश एक्ट) के बारे में बताया कि इसके अंतर्गत कार्यस्थलों पर आंतरिक परिवाद समिति तथा असंगठित क्षेत्र की महिलाओं के लिए स्थानीय परिवाद समिति के गठन का प्रावधान है, जिससे महिलाओं की सुरक्षा, भागीदारी और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कन्या सुमंगला योजना, वृद्धा पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन योजना, दिव्यांग सहायता योजना, शिक्षा का अधिकार अधिनियम तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी भी दी।
मुख्य वक्ता डॉ. नरेन्द्र दिवाकर ने शोषण के विरुद्ध अधिकार एवं बाल अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 और 24 शोषण के विरुद्ध अधिकार की गारंटी देते हैं। उन्होंने बताया कि अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956, किशोर न्याय अधिनियम 2015, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, बाल श्रम निषेध (संशोधन) अधिनियम 2016, पॉक्सो अधिनियम 2012 तथा बंधुआ श्रम प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम 1976 जैसे कानून बच्चों और श्रमिकों को शोषण से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि शोषण के विरुद्ध अधिकार समाज के कमजोर वर्गों की रक्षा करते हुए समता, समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशा मुक्त भारत एवं बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका दीपा सक्सेना ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक अंजनी कुमार यादव द्वारा दिया गया। शिविर में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अभिनव यादव, डॉ. संदीप दिवाकर, नेहा सिंह, जिज्ञासा शर्मा, राहुल दिवाकर, श्वेता यादव, सपना, विवेक कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं पैरा लीगल वालंटियर ममता दिवाकर व अमरदीप दिवाकर उपस्थित रहे।
Anveshi India Bureau



