तीर्थराज प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में आयोजित दिव्य आध्यात्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला का श्रद्धा, साधना और सनातन चेतना के साथ भव्य समापन हुआ। यह आयोजन गृहस्थ संत पूज्य गुरुदेव पं. देवप्रभाकर शास्त्री ‘दद्दा जी’ की पुण्य स्मृतियों को समर्पित रहा। देशभर से आए हजारों गुरु भाइयों ने संगम में स्नान कर धर्मलाभ अर्जित किया तथा गुरुदेव की शिक्षाओं को आत्मसात किया।
पूज्य गुरुदेव की स्मृति में डॉ. अनिल प्रभाकर शास्त्री जी (बड़े भैया) के पावन सानिध्य एवं निर्देशन में आयोजित असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं महारुद्राभिषेक का विधिवत समापन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से संपूर्ण मेला परिसर शिवमय हो उठा।

इस अवसर पर डॉ. अनिल प्रभाकर शास्त्री जी ने कहा कि यह आयोजन गुरुदेव दद्दा जी की पुण्य स्मृतियों को समर्पित एक आध्यात्मिक साधना है। हजारों गुरु भाइयों की श्रद्धा, सेवा भावना और अनुशासन ने इस आयोजन को सफल बनाया है। उन्होंने सनातन संस्कृति की निरंतर प्रज्वलित ज्योति की कामना की।
आयोजन के अंतर्गत प्रतिदिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं एवं कल्पवासियों ने प्रसाद ग्रहण किया। सेवा, समर्पण एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं ने इस आयोजन को सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बना दिया।
मीडिया प्रभारी सनी केसरी ने बताया कि माघ मेला 2026 के अंतर्गत आयोजित यह आध्यात्मिक कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में सेवा, संस्कार और समर्पण का संदेश देने वाला रहा। गुरुदेव दद्दा जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाना ही आयोजन का मुख्य उद्देश्य रहा।
Anveshi India Bureau



