महाकुंभ में अब श्रद्धालुओं के इलाज में भाषा बाधा नहीं बनेगी। एआई ट्रांसलेटर मदद करेगा। देश में पहली बार छावनी अस्पताल इस पद्धति का प्रयोग कर रहा है। एप श्रद्धालुओं की स्थानीय भाषा को तुरंत हिंदी और अंग्रेजी में बदलेगा।
महाकुंभ में देश-दुनिया के श्रद्धालु संगमनगरी में जुटेंगे। इस दौरान बाहरी राज्यों या विदेश से आए श्रद्धालु बीमार पड़ते हैं तो भाषा की दिक्कत से उनका इलाज नहीं रुकेगा। वह एआई ट्रांसलेटर एप की मदद से डॉक्टर को अपनी भाषा में बीमारी के बारे में बता सकेंगे।
एप उनकी बोली गई भाषा को हिंदी या अंग्रेजी में बदलेगा। देश में पहली बार छावनी सामान्य अस्पताल के आईसीयू वार्ड में इसका इस्तेमाल होगा। एआई ट्रांसलेटर एप में देश की 22 और विदेश की 19 भाषाएं हैं। जिनको एप हिंदी या अंग्रेजी में बदलेगा।



