महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाकर नाविकों ने मनमानी वसूली की। संगम स्नान के लिए श्रद्धालुओं से प्रति व्यक्ति एक हजार से लेकर पांच हजार तक रुपये वसूले गए, जबकि अधिकतम किराया 150 रुपये तक था लेकिन महाकुंभ संपन्न होने के बाद अब स्थिति उलट है। नाविक अब श्रद्धालुओं की बाट जोहते नजर आ रहे हैं।
महाकुंभ मेले के दौरान जहां नावों के लिए मारामारी मची थी। नाविकों की ओर से निर्धारित दरों से 10 गुना अधिक कीमत वसूली जा रही थी। इसके बावजूद आमजन से लेकर अफसर तक कतार में लगे थे, लेकिन महाकुंभ संपन्न होने के बाद अब स्थिति उलट है।
शुक्रवार को जब संवाददाता ने इसका जायजा लिया तो हजारों की संख्या में नाव और नाविक कतार में थे और श्रद्धालुओं की बाट जोहते नजर आए। बोट क्लब ही नहीं, सरस्वती घाट, वीआईपी घाट, अक्षयवट, मेला मैदान, शंख बेनी सहित अधिकतर घाटों पर यही हालात नजर आए।



