नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, प्रयागराज के विधि संकाय द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया। विधि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. स्वप्निल त्रिपाठी एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार के मार्गदर्शन तथा विधिक सहायता केंद्र के तत्वावधान में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज द्वारा आयोजित मेगा/वृहद विधिक सेवा, जागरूकता एवं सामाजिक सहायता शिविर में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई।
यह कार्यक्रम राम दुलारी बच्चू लाल जायसवाल पीजी कॉलेज, नवाबगंज, सोरांव, प्रयागराज में संपन्न हुआ। शिविर का आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में किया गया, जिसका उद्देश्य समाज के निर्बल, निर्धन, दिव्यांगजन, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना एवं उन्हें विधिक संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। विधिक सहायता केंद्र के पैरा लीगल वॉलेंटियर छात्र-छात्राओं ने सामाजिक न्याय एवं विधिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते हुए जरूरतमंदों को विधिक परामर्श प्रदान किया। उन्होंने विधिक सहायता स्टॉल के माध्यम से आमजन को उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास किया।

विधिक सहायता केंद्र के प्रभारी डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. श्रीप्रकाश यादव, महेंद्र कुमार सहित बी.ए. एलएल.बी. एवं एलएल.बी. के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर विश्वविद्यालय की गरिमा को प्रतिष्ठित किया। छात्र-छात्राओं ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रयागराज के सचिव शशि कुमार एवं पॉक्सो कोर्ट के माननीय न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया से विभिन्न विधिक एवं सामाजिक मुद्दों पर सारगर्भित संवाद स्थापित किया। इस संवाद ने विद्यार्थियों के ज्ञान-विस्तार के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ को भी सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शशि कुमार ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के सक्रिय सहयोग की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता ही सामाजिक न्याय की आधारशिला है, और ऐसे शिविर समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।
यह आयोजन न केवल विधि छात्रों के लिए व्यावहारिक अनुभव का अवसर बना, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के लिए आशा, अधिकार एवं न्याय का सशक्त संदेश भी सिद्ध हुआ।
Anveshi India Bureau



