उप मुख्यमंत्री एवं नेता सदन, विधान परिषद केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में बुधवार को विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि (विधायक निधि) दिशा-निर्देश समिति की बैठक विधान परिषद के कक्ष संख्या–77 में सम्पन्न हुई।
बैठक का उद्देश्य विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि से संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं का समाधान, प्रक्रियाओं का सरलीकरण तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं गति सुनिश्चित करना था।

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निधि का उपयोग निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप, पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए। समिति को प्राप्त प्रस्तावों का विधिवत परीक्षण करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई प्रकरण लंबित हो तो उसका शीघ्र निस्तारण किया जाए।
श्री मौर्य ने कहा कि सरकार सदन के प्रति जवाबदेह है और इस निधि के माध्यम से जनोपयोगी कार्यों का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचता है। अतः इसकी कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं परिणामोन्मुखी बनाना सरकार की उच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि समिति विधायक निधि योजना के प्रस्तावों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन एवं सुझाव देगी, जिससे धनराशि का उपयोग समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं जनहितकारी कार्यों में सुनिश्चित हो सके। समिति के सुझावों से प्रदेश में आधारभूत ढांचे का विकास और गति पकड़ेगा तथा “सबका साथ–सबका विकास–सबका विश्वास–सबका प्रयास” की सरकार की भावना को और मजबूती मिलेगी।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित हो और जनता को योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त हो।
बैठक में विधान परिषद के सदस्यगण एवं ग्राम्य विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Anveshi India Bureau



