मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर माघ मेले के दौरान ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर कांग्रेस सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अंकित सिंह यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
अंकित सिंह यादव ने कहा कि सनातन धर्म के प्रतिष्ठित धर्मगुरुओं में से एक शंकराचार्य के साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही और असंवेदनशीलता को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि माघ मेला जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक आयोजन में संत-महात्माओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा,
“स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जैसे विद्वान और धर्माचार्य सनातन संस्कृति के संवाहक हैं। मौनी अमावस्या जैसे पवित्र पर्व पर उनके साथ दुर्व्यवहार होना अत्यंत निंदनीय है। यह घटना श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँचाने वाली है।”
उन्होंने राज्य सरकार और मेला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ तथा प्रशासन संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाए।
अंकित सिंह यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी एवं उसका सांस्कृतिक प्रकोष्ठ सदैव सनातन परंपराओं, संतों और धार्मिक संस्थानों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रहा है और इस विषय को पार्टी स्तर पर भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
Anveshi India Bureau



