Tuesday, February 17, 2026
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व्यक्तिगत, सामाजिक और संरचनात्मक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, प्रोत्साहन और रोकथाम करने की आवश्यकता: बादल चटर्जी

प्रयागराज। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को ‘अस्तित्व साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटर’ की ओर से सिविल लाइंस स्थित राही इलावर्त टूरिस्ट बंगला हाल में एक सेमिनार आयोजित हुआ। जिसमें मानसिक स्वास्थ्य पर सार्थक संवाद और प्रयासों की दिशा में, समस्या और समाधान पर हुई चर्चा में मानसिक विकार जैसे कलंक को दूर करना, जागरूकता बढ़ाना, प्रभावी उपचारों तक पहुँच सुनिश्चित करना, और सरकारी व गैर-सरकारी स्तर पर सुधारों को लागू करने की बात पर जोर दिया गया।

‘अस्तित्व साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटर’ की संस्थापिका व निदेशक डॉ. मालविका राव ने बताया कि सेमिनार का उद्देश्य समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संवाद स्थापित करने, भ्रम तोड़ना और समाधान के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना होगा। हमें अपने विचारों पर नियंत्रण रखना चाहिए। सकारात्मक विचार हमारे व्यक्तित्व को निखारते हैं, जबकि नकारात्मक सोच हमें जीवन में पीछे ढकेलती है।

 

   

सेमिनार की अध्यक्षता प्रो. संतोष भदौरिया ने किया। उन्होंने वर्तमान समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और काउंसलिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए संगीत, लेखन और कला जैसी रुचियों को बढ़ावा देना होगा। मानसिक स्वास्थ्य को विद्यालयों के पाठ्यक्रम में एक विषय के रूप में शामिल किया जाना चाहिए ताकि बच्चों का समग्र विकास संभव हो सके।

मुख्य अतिथि पूर्व आइएएस बादल चटर्जी ने कहा सकारात्मक सोच ही इंसान को आगे बढ़ाती है। हर परिस्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना आवश्यक है। गवर्नेंस के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि इसे हर क्षेत्र में अपनाने की आवश्यकता है, जिससे तनाव कम होता है और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के व्यक्तिगत, सामाजिक और संरचनात्मक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, प्रोत्साहन और रोकथाम के प्रयासों पर अमल करने की बात कही। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. अभिलाषा चतुर्वेदी, एमिनेंट आर्टिस्ट तलत महमूद, डॉ. शांति चौधरी, कहानीकार असरार गांधी, विशिष्ट वक्ता बनारस हिंदू महाविद्यालय के डॉ. मनोज तिवारी ने तनाव (Stress) से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने आत्महत्या के कारणों, लक्षणों और रोकथाम पर चर्चा की तथा प्रतिभागियों को एक रिलैक्सेशन तकनीक भी सिखाई। तलत महमूद ने चित्रकला को मानसिक स्वास्थ्य का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि संवाद मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। हमें हमेशा वही कार्य करना चाहिए जिससे हमें संतुष्टि प्राप्त हो।

 

अस्तित्व टीम की सौसन रिज़वी ने अस्तित्व संस्थान का परिचय एवं सामाजिक योगदान के बारे में जानकारी दी। सनोबर इदरीश ने मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं और समाधान पर प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में बादल चटर्जी की धर्मपत्नी शर्मिला चटर्जी, प्रवीण शेखर, डॉ. शशि प्रभा, सीमा आज़ाद, कविता राय, और पुंडरिक मिश्रा सहित कई सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे।

सनोबर इदरीस, अर्शिता, अर्पिता, अर्चिता का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। संचालन डॉ. सुभद्रा कुमारी ने किया। इसके अलावा ड्राइंग, पोस्टर, स्केचिंग एवं राइटिंग कंपटीशन विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

 

 

 

 

Anveshi India Bureau

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