लखनऊ | उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी संस्थाओं के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर की।
बैठक में विभिन्न संस्थाओं द्वारा महिला आजीविका, स्वावलंबन और सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। उप मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे संसाधनों और मानवबल का अधिकतम उपयोग करते हुए युद्ध स्तर पर कार्य करें और तय लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में एक करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी को परिणाम आधारित कार्य करना होगा।

बैंक लिंकेज और बीसी सखी पर विशेष जोर
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन स्वयं सहायता समूहों का बैंक लिंकेज अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें शीघ्र जोड़ा जाए। “एक पंचायत–एक बीसी सखी” योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने बड़ी ग्राम सभाओं में एक से अधिक बीसी सखी नियुक्त करने पर भी जोर दिया।
बीसी सखियों को जन सेवा केंद्र संचालन, बीमा, बैंकिंग सेवाएं, ऋण वितरण, आरडी खाते खुलवाने और पोस्ट ऑफिस योजनाओं से जोड़ने जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा
बैठक में कृषि, एग्रो प्रोसेसिंग, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन और बकरी पालन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की आय बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा हुई। विभिन्न संस्थाओं ने अपने नवाचार और कार्य योजनाएं प्रस्तुत कीं।
अधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, आयुक्त गौरी शंकर प्रियदर्शी, मिशन निदेशक दीपा रंजन सहित अन्य अधिकारी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सरकार का फोकस अब योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ जमीनी स्तर पर दिखने वाले परिणामों पर है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
Anveshi India Bureau



