कभी सपा मुखिया अखिलेश यादव की दरियादिली से राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बावजूद बची रहीं कौशाम्बी जिले की चायल विधायक पूजा पाल अब सपा से बाहर हो गई हैं।
कभी सपा मुखिया अखिलेश यादव की दरियादिली से राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बावजूद बची रहीं कौशाम्बी जिले की चायल विधायक पूजा पाल अब सपा से बाहर हो गई हैं। वृहस्पतिवार को विधानसभा में सपा नेतृत्व को खुली चुनौती देने के कुछ घंटों बाद ही उन्हें निष्कासित कर दिया गया। विधायक पूजा पाल की नाराजगी की जड़ माफिया अतीक अहमद का सपा में वर्चस्व और उनके पति राजू पाल की हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी न होना रही है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद यह दूरी खाई में बदल गई। नतीजा सपा के कार्यक्रमों से दूरी, भाजपा नेताओं से बढ़ती नजदीकियां और अब निष्कासन।
जून माह में सपा ने क्रॉस वोटिंग करने वाले अभय सिंह, राकेश सिंह और मनोज पांडेय को बाहर का रास्ता दिखा दिया था, लेकिन दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक समीकरण साधने के लिए पूजा को अभयदान मिला था। अब पूजा पाल के विधानसभा में आक्रामक होने के चलते हालात बदल गए हैं। इससे पहले वह बसपा से शहर पश्चिमी की विधायक रह चुकी हैं।



