Wednesday, March 4, 2026
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Prayagraj : दहशत का पर्याय बना तेंदुआ घर में घुसा, बाहर से दरवाजा किया गया बंद, नौ घंटे बाद पकड़ा गया

Leopard rescue : गंगापार के हनुमानगंज इलाके में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ छिबैयां गांव में एक घर में घुस गया। परिजनों ने घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। घर में फंसे परिजनों को खिड़की तोड़कर बाहर निकाला गया। छिबैया गांव में सुबह आठ बजे तेंदुआ देखा गया। उसने अलाव ताप रहे चाचा-भतीजे पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो वह शेखर सिंह के घर में घुस गया। साढ़े नौ घंटे तक चले आपरेशन के बाद उसे पकड़ लिया गया।

गंगापार के झूंसी और हनुमानगंज में तकरीबन छह माह से आतंक का पर्याय बना तेंदुआ बृहस्पतिवार की सुबह झूंसी के छिबैयां गांव के शेखर सिंह के मकान में दाखिल हो गया। इसके पहले तालाब की ओर से होकर आए तेंदुए ने गांव के 35 वर्षीय मनोज भारतीय एवं 25 वर्षीय सूर्य प्रताप पर हमला कर उन्हें बुरी तरह जख्मी कर दिया था। दोनों को गांव के ही एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। अचानक घर में तेंदुए के दाखिल होने से शेखर सिंह के परिवार के साथ ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह कमरे के भीतर मौजूद महिलाओं और बच्चों की जान बचाई जा सकी।

बगल वाले कमरे के छोटे से जंगले को तोड़कर दो बच्चों और गर्भवती महिला को भारी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने बाहर निकाला। ग्रामीणों की सूचना पर झूंसी पुलिस के साथ ही वन विभाग की टीम और पीएएसी मौके पर पहुंची थी। देखते ही देखते मौके पर हजारों की संख्या में ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। नौ से दस घंटे के बाद शाम को सात बजे के आसपास कानपुर से आई वन विभाग की ट्रेंकुलाइजर टीम ने कमरे में छिपे तेंदुए को बेहोश करने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल पाई थी। इस दौरान गांव की बस्ती को पुलिस और पीएसी ने चारों-तरफ से रस्सी से बैरिकेटिंग कर घेर रखा था। ग्रामीणों को भी उधर जाने नहीं दिया गया।

सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे के आसपास छिबैयां गांव के 35 वर्षीय मनोज भारतीय पुत्र रामराज एवं 25 वर्षीय सूर्य प्रताप पुत्र राजकुमार तालाब से होते हुए अपने नए से पुराने घर की ओर जा रहे थे। तभी अचानक पीछे से आए तेंदुए ने इन पर हमला कर दिया। तेुंदए ने मनोज के ऊपर हमला कर दिया जिसमें उसके सिर और बाएं कंधे पर गहरा घाव आया था। जब तक वहीं से गुजर रहा सूर्य प्रताप कुछ समझ पाता तेंदुए ने उसके ऊपर हमला कर दिया और दाहिने हाथ को अपने जबड़े में दबोच लिया। किसी तरह सूर्य प्रताप ने अपना हाथ तेुंदए के जबड़े से छुड़ाया और बदहवास होकर वहां से भागा।

 

leopard, which had become synonymous with terror, was finally caught

 

इसी बीच गांव की गली से होते हुए तेंदुआ शेखर के मकान के मुख्य दरवाजा खुला देख भीतर दाखिल होने लगा। तभी वहां मौजूद शेखर की भाभी संगीता सिंह पत्नी रतन सिंह की नजर तेंदुए पर पड़ी तो वह दरवाजा बंद करने लगी। पर जब तक वह दरवाजा बंद करतीं, तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई। तभी तेंदुआ अंदर के कमरे में दाखिल हो गया। अंदर के एक कमरे में अर्पिता सिंह पुत्री शेखर सिंह, तनु सिंह पुत्री रतन सिंह और दूसरे कमरे में धर्मराज सिंह की पत्नी खुश्बू, तीन साल की बच्ची अदिति एवं आठ साल का बेटा अयान सिंह मौजूद थे।

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शोर मचने पर सभी भागकर दूसरे कमरे में गए और जिस कमरे में तेुदंआ घुसा था, उसे बाहर से बंद कर दिया। बाद में भारी संख्या में ग्रामीण और झूंसी पुलिस पहुंची। चूंकि कमरे में सिटकनी नहीं लगी थी। इसलिए उसे लकड़ी की बल्ली और पत्थर आदि से बंद किया गया। कुछ देर बाद वन विभाग और पीएसी मौके पर पहुंची। चरों-तरफ से मकान को घेरकर रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया। कमरे के एक छोर पर लोहे का पिंजड़ा और दरवाजे के सामने जाल लगाया गया। शाम को छह बजे कानपुर से वन विभाग की ट्रेंकुलाइजर टीम मौके पर पहुंची तो तेुंदुए को दबोचने के लिए आपरेशन शुरू किया गया। हालांकि शाम सात बजे तक तेंदुए को दबोचने में सफलता नहीं मिल पाई थी।

चौकी के नीचे बैठा रहा तेंदुआ

तेंदुए के घर में घुस जाने से पूरे गांव में अफरातफरी मची रही। हजारों की संख्या में ग्रामीण शेखर सिंह के मकान के बाहर जमा हो गए हैं। पुलिस और वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। ग्रामीणों को भय है कि तेंदुआ कहीं खिड़की या दरवाजा तोड़कर बाहर न भाग जाए। मकान के एक कमरे में तेंदुआ चौकी के नीचे बैठा दिख रहा है। उसका वीडियो बनाने और फोटो खींचने वाले लोगों की भीड़ लगी है। 

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परिजनों ने सुनाई आप बीती

घर मे तेंदुआ घुस जाने पर परिजनों में कोहराम मचा रहा। तेंदुआ घर में घुसने के बाद एक कमरे में पहुंच गया। मकान के दूसरे कमरे में परिवार के सदस्य सो रहे थे, जबकि शोरगुल होने पर कुछ सदस्य बाहर भाग निकले। सुबह आठ बजे का समय होने के कारण बच्चों समेत परिवार के कई लोग सो रहे थे। अचानक तेंदुए के आने की सूचना पर दहशत फैल गई। मकान में फंसे परिजनों को किसी तरह से रोशनदान तोड़कर बाहर निकाला गया। बाहर निकलने पर परिजनों ने आपबीती सुनाई। 

Courtsyamarujala.com
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