घर में गैस नहीं है, खाना कैसे बनाएं। ऑफिस से छुट्टी लेकर आया हूं, मुझे एलपीजी सिलिंडर कब मिलेगा। हॉकर कहता है गैस एजेंसी में जाकर पता करो और गैस एजेंसी में बैठे कर्मचारी कहते हैं हॉकर से पता करो, कारोबार ठप पड़ा है, आखिर कहां गया मेरा सिलिंडर।
घर में गैस नहीं है, खाना कैसे बनाएं। ऑफिस से छुट्टी लेकर आया हूं, मुझे एलपीजी सिलिंडर कब मिलेगा। हॉकर कहता है गैस एजेंसी में जाकर पता करो और गैस एजेंसी में बैठे कर्मचारी कहते हैं हॉकर से पता करो, कारोबार ठप पड़ा है, आखिर कहां गया मेरा सिलिंडर। इन सवालों के साथ लोग पिछले कुछ दिनों से लगातार अपनी-अपनी पासबुक लिए गैस एजेसिंयों पर पहुंच रहे हैं।
ऐसे में कई बार उपभोक्ताओं की गैस एजेंसियों में बैठे कर्मचारियों से नोकझोंक भी हो जा रही है। लेकिन, उन्हें आसानी से समय पर एलपीजी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। गैस एजेंसियों में बैकलॉग हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। 10 से 15 दिन पहले बुक किया हुआ सिलिंडर डिलीवर नहीं हो पा रहा है। कई उपभोक्ता बिना एलपीजी सिलिंडर मिले ही डिलीवर होने का मैसेज आने की शिकायत कर रहे हैं।
साउथ मलाका के रहने वाले रंजीत जायसवाल और उनकी पत्नी नीलम जायसवाल अपने सभी काम छोड़कर पिछले तीन दिन से सम्मेलन मार्ग स्थित संगम गैस सर्विस में आने के लिए मजबूर हैं। रंजीत जायसवाल ने बताया कि 19 मार्च को बुकिंग कराया था, लेकिन 28 मार्च तक डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) नहीं आया। घर में गैस नहीं है। इंडेक्शन और लकड़ी के माध्यम से खाना बन रहा है। ऐसे में हर दिन आकर भीड़ के बीच सिलिंडर के लिए पूछताछ करना पड़ रहा है। रंजीत ने बताया कि इससे नौकरी प्रभावित हो रही है।
14 मार्च को बुकिंग, 20 बार काट चुके चक्कर
एक गैस सर्विस एजेंसी से जुड़े जीतू कुमार, राकेश वर्मा और विनीत साहू एलपीजी सिलिंडर के लिए परेशान हैं। मुट्ठीगंज के रहने वाले जीतू कुमार ने कहा कि 14 मार्च की बुकिंग के बाद से करीब 20 बार गैस एजेंसी आ चुका हूूं। होम डिलीवरी का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अब तक सिलिंडर नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि वह पेशे से वकील हैं। लेकिन, इन दिनों उनका काम प्रभावित हो रहा है। वहीं, मुट्ठीगंज निवासी बैंककर्मी राकेश वर्मा ने कहा कि 20 मार्च को बुकिंग किया था।
26 मार्च को डीएसी आया। लेकिन, अभी यहां 13 मार्च से पहले की बुकिंग वाले सिलिंडर दिए जाने की बात कर रहे हैं। बहादुरगंज में रहने वाले टैक्सी संचालक विनीत साहू ने बताया कि 19 मार्च को सिलिंडर बुक किया। इसी दिन डीएसी आया। लेकिन, अब तक सिलिंडर नहीं मिला है। ऐसे में हर दिन पूछताछ के लिए आना पड़ रहा है।
17 मार्च को हुई बुकिंग, नहीं आया डीएसी नंबर
कीडगंज निवासी अंजनी श्रीवास्तव ने बताया कि वह प्राइवेट जॉब करते हैं और बैरहना स्थित गैस सर्विस एजेंसी के उपभोक्ता हैं। 17 मार्च को सिलिंडर बुक किया, लेकिन डीएसी नहीं आया। कार्यालय से छुट्टी लेकर 10 बार एजेंसी में आ चुके हैं। सोमवार तक सिलिंडर डिलीवर करने के लिए बोल रहे हैं। वहीं, इंद्रपुरी के रहने वाले रविशंकर ने बताया कि सिलिंडर ऑनलाइन बुक नहीं हो पा रहा है। दूसरों से सिलिंडर लेकर घर का खाना बन रहा है। सिलिंडर के लिए बार-बार आने से चश्मे की दुकान प्रभावित हो रही है।
मैसेज आ गया लेकिन सिलिंडर दो सप्ताह बाद भी नहीं मिला
राजापुर निवासी प्रशांत कुमार ने बताया कि वह अशोक नगर के बहुगुणा मार्केट स्थित एक गैस सर्विस के उपभोक्ता हैं। 13 मार्च की बुकिंग के बाद 14 मार्च को डीएसी आया और 15 मार्च को डिलीवर का मैसेज भी आ गया। लेकिन, अब तक एलपीजी सिलिंडर नहीं मिला है। हॉकर कहता है एजेंसी में बात करो और एजेंसी में बैठे कर्मचारी कहते हैं कि हॉकर से बात करो। उन्होंने कहा कि वह कोरियर सर्विस की फ्रेंचायजी चलाते हैं। यह काम पिछले करीब पांच दिनों से ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। घर पर लकड़ी जलाकर खाना बनाने को मजबूर हैं।
वहीं, मम्फोर्डगंज स्थित एक गैस सर्विस के कर्मचारी उपभोक्ताओं के दबाव से बचने के लिए शटर गिराकर एक खिड़की के जरिये ही सिलिंडर मिलने की प्रक्रिया से संबंधित बातचीत और कार्य करते नजर आए। इस एजेंसी पर आए सलोरी निवासी रोहित शर्मा ने बताया कि वो सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और दिल्ली में जॉब करते हैं। चार दिन की छुट्टी के दौरान घर पहुंचे तो पता चला कि घर में गैस नहीं है। करीब एक हफ्ते पहले बुकिंग हुई थी।
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