Prayagraj Flood Update Today : संगमनगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर घटने लगा है। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान के ऊपर ही बह रही हैं। जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से घट रहा है। यही स्थिति रही तो दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। अभी लोग राहत शिविरों में ही रह रहे हैं।
गंगा-यमुना में दो दिनों से बढ़ रहे पानी ने प्रयागराज और आसपास के इलाके में करीब पांच लाख की आबादी के सामने गंभीर संकट पैदा कर दिया है। एक ओर जहां सैकड़ों घर बाढ़ के पानी में घिर गए हैं, वहीं हजारों लोगों के सामने खाने और पानी का संकट पैदा हो गया है। हालांकि, सोमवार शाम थोड़ी राहत भरी सूचना आई कि यमुना का जलस्तर घटने लगा है और गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है। इस बीच जनपद में स्थिति के मद्देनजर डीएम के निर्देश पर प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा-12 तक के सभी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में सात अगस्त तक छुट्टी घोषित कर दी गई है।
सोमवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने हेलिकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के साथ दो राहत शिविरों को भी देखा। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों व अफसरों संग बैठक में हाई अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। बारिश और बाढ़ ने हरी सब्जियों का भाव भी उफान पर ला दिया है। अधिकांश हरी सब्जियों के दाम फुटकर में 50 रुपये किलो से ज्यादा के हो गए हैं। वहीं, गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से सुबह जिले में 27 ट्रांसफाॅर्मर और बाढ़ की चपेट में आ गए हैं जबकि इससे पहले 22 डूबे हुए हैं। इससे करीब 250 मोहल्ले और गांवों के निचले इलाकों में अंधेरा छा गया है।
गंगा यमुना में बाढ़ की स्थिति ( 5 अगस्त दोपहर 12 बजे तक )
खतरे का निशान 84.734 है।
यमुना का जलस्तर 85.89 रिकॉर्ड किया गया। जलस्तर 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तर से कम हो रहा है।
गंगा का जलस्तर 86.07 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया। जलस्तर करीब 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे घट रहा है।




