मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. आरके पांडेय ने ने बताया कि जिले में आठ टीमों का गठन किया गया है। एक सप्ताह तक सभी अस्पतालों की जांच की जाएगी और अग्नि सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया जाएगा।
झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने से दस मासूम बच्चों की मौत और कई के हालत गंभीर होने के मामले में जिले में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने अस्पतालों का दौरा करके अग्निशमन के उपकरणों की जांच की। साथ ही आग लगने की स्थिति में उपकरणों के प्रयोग की जानकारी भी मेडिकल स्टाफ को दी।
अग्निशमन अधिकारी ने सरोजिनी नायडू बाल चिकित्सालय, मां भगवती मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर म्योर रोड हेलीकॉप्टर चौराहा प्रयागराज अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से निरीक्षण किया। यहां पर स्थापित अग्निशमन व्यवस्थाओं का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ जनपद में आठ टीम बना दी गई हैं जो नगर क्षेत्र, नैनी, बारा, मेजा, कोराव, हंडिया, फुलपुर, सोरांव में बच्चों के अस्पतालों के साथ अन्य सभी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था जांच करेंगे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. आरके पांडेय ने ने बताया कि जिले में आठ टीमों का गठन किया गया है। एक सप्ताह तक सभी अस्पतालों की जांच की जाएगी और अग्नि सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया जाएगा।
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