माघ मेले के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के अवसर पर शनिवार को प्रयागराज के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर महाकुंभ की तर्ज पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था लागू की गई। हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा से काफी कम रहीं।
Prayagraj Magh Mela: Despite the lack of crowds, restrictions remained at railway stations
प्रयागराज जंक्शन पर यात्रियों के आश्रय स्थल पर खाली पड़ीं कुर्सियां। – फोटो : अमर उजाला।
माघ मेले के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के अवसर पर शनिवार को प्रयागराज के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर महाकुंभ की तर्ज पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था लागू की गई। हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा से काफी कम रहीं। इस वजह से प्रयागराज जंक्शन समेत शहर के सभी स्टेशनों पर सामान्य दिनों जैसी ही आवाजाही देखने को मिली। स्टेशनों पर एकल दिशा प्रवेश और यात्री आश्रय के माध्यम स प्रवेश की अनिवार्यता के कारण सामान्य यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड से प्रवेश पर रोक लगा दिए जाने की वजह से यात्रियों को लंबा चक्कर काटना पड़ा। सिविल लाइंस साइड के इंट्री प्वाइंट पर दिन में कई बार यात्री अंदर जाने की मिन्नते करते दिखाई दिए। कटिहार के रमाशंकर पासवान ने कहा कि भीड़ न होने के बावजूद भी उन्हें सिविल लाइंस साइड से इंट्री नहीं दी गई। इसी तरह मेरठ के मुकेश त्यागी भी वंदे भारत ट्रेन पकड़ने के लिए शाम को जंक्शन पहुंचे लेकिन उन्हें सिविल लाइंस साइड से प्रवेश नहीं मिला। उनकी सुरक्षा कर्मियों से खूब बहस भी हुई। बाद में उन्हें सिटी साइड ही जाना पड़ा।
एनसीआर ने चलाईं 13 स्पेशल ट्रेनें
दूसरी ओर उत्तर मध्य रेलवे की ओर से शनिवार को यात्रियों की सुविधा के लिए 13 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। नौ ट्रेनें प्रयागराज से विभिन्न शहरों के लिए रवाना हुईं जबकि पांच स्पेशल ट्रेनें अलग-अलग शहरों से श्रद्धालुओं को लेकर आईं। इसी तरह प्रयाग, फाफामऊ, झूंसी एवं रामबाग से भी स्पेशल ट्रेनें तो चली लेकिन अधिकांश में यात्रियों की संख्या कम रही। इन स्टेशनों पर भी भीड़ कम होने के बावजूद कड़े नियमों के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रयागराज जंक्शन पर स्वयं डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने कमान संभाली। वह कंट्रोल टॉवर से जायजा लेते रहे। जंक्शन पर सामान्य दिनों जैसी आवाजाही होने के बाद भी यात्रियों को चार रंगों में बनाए गए यात्री आश्रयों के माध्यम से ही प्लेटफार्म तक पहुंचाया गया। आरक्षित यात्रियों को गेट नंबर पांच से प्रवेश दिया गया। वाराणसी मंडल के डीआरएम आशीष जैन और लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील वर्मा ने भी अपने स्टेशनों का निरीक्षण किया।
भीड़ कम होने पर निरस्त कर दी गई स्पेशल ट्रेनें
पौष पूर्णिमा पर यात्रियों की भीड़ कम होने पर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने 05107 बढ़नी-रामबाग स्पेशल को निरस्त कर दिया। यह ट्रेन चार एवं पांच जनवरी को भी निरस्त रहेगी। इसके अलावा चार, पांच और छह जनवरी को चलने वाली बनारस–प्रयागराज स्पेशल तथा रामबाग–प्रयागराज–रामबाग स्पेशल को भी रद कर दिया। इसी तरह झूंसी से चार और पांच जनवरी को चलने वाली झूंसी–बनारस मेला स्पेशल, चार और पांच जनवरी को बनारस–झूंसी स्पेशल, चार जनवरी को झूंसी–गोरखपुर स्पेशल और पांच जनवरी को गोरखपुर–झूंसी स्पेशल ट्रेन भी रद की गई है।
ड्रोन से हुई रेलवे स्टेशनों की निगरानी
प्रयागराज जंक्शन एवं अन्य रेलवे स्टेशनों की शनिवार को ड्रोन से निगरानी हुई। आरपीएफ प्रयागराज मंडल के सीनियर डीएसएसी विजय प्रकाश पंडित ने बताया कि कुछ ड्रोन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से भी लैस है। कहा कि प्रयागराज छिवकी और नैनी रेलवे स्टेशन की भी ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
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