एसडीएम और अन्य अफसरों की ओर से शुक्रवार को किए गए निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कई स्तर पर खामियां पाई गईं। 100 से अधिक डॉक्टर और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने इनका एक दिन का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण तलब किया है।
एसडीएम और अन्य अफसरों की ओर से शुक्रवार को किए गए निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कई स्तर पर खामियां पाई गईं। 100 से अधिक डॉक्टर और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने इनका एक दिन का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण तलब किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया गया। अफसरों ने सुबह आठ बजे से निरीक्षण शुरू किया जो शाम तक चला। इसके बाद उन्होंने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति, उपकरणों की स्थिति, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और वितरण की स्थिति, चिकित्सकीय जांच की मशीनों की उपलब्धता और संचालन, अभिलेखों की स्थिति, आवश्यक मूलभूत सुविधाएं, प्रसव वार्ड की स्थिति समेत अन्य बिंदुओं पर जांच की गई। इस दौरान कई स्तर पर खामियां मिलीं। डीएम ने अनुपस्थित चिकित्सकों और अन्य स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। इसके अलावा सीएमओ को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
इन अधिकारियों ने यहां का किया निरीक्षण
- एसडीएम सदर ने 100 बेड के सरदार वल्लभ भाई पटेल हॉस्पिटल भगवतपुर का निरीक्षण किया। 26 नियमित कर्मचारियों में से 14 और 37 संविदा कर्मचारियों में से 19 अनुपस्थित मिले। दंतरोग, सर्जन कक्ष, नाक कान गला विभाग, नेत्र विभाग बंद पाए गए।
- एसडीएम सोरांव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोरांव का निरीक्षण किया। अधीक्षक अनुपम द्विवेदी अनुपस्थित मिले। परिसर व शौचालय में गंदगी मिली। 10 पदों के सापेक्ष मात्र चार चिकित्सकों की नियुक्त पाई गई। यहां भी 26 नियमित कर्मचारियों में से 14 और 37 संविदा कर्मचारियों में से 19 अनुपस्थित मिले। चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था नहीं है।
- जॉइंट मजिस्ट्रेट ने करछना केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह मौजूद नहीं थे। हालांकि 10 मिनट बाद वह आ गए। औषधि भंडार कक्ष बंद पाया गया और अधीक्षक ने बताया कि चाबी नहीं है। केंद्र में तैनात आठ में से दो नर्स ही उपस्थित मिलीं। नेत्र चिकित्सालय कक्ष बंद रहा।
- एसडीएम के निरीक्षण में फूलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक पाई गई लेकिन छह में से तीन चिकित्सक अनुपस्थित मिले। केंद्र प्रभारी डॉ. नीरज भी अनुपस्थित थे। कुल 22 स्टाफ में से सात अनुपस्थित पाए गए।
- एसडीएम (न्यायिक) कोरांव के निरीक्षण में मांडा केंद्र पर डॉ. सत्य प्रकाश गौड़ अनुपस्थित पाए गए।
- एसीएम प्रथम के निरीक्षण में कौड़िहार केंद्र में जलभराव पाया गया, सफाई भी सामान्य मिली।
- एसडीएम (न्यायिक) बारा के निरीक्षण के दौरान शंकरगढ़ केंद्र के अधीक्षक डॉ. अभिषेक सिंह उपस्थित मिले। हालांकि साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं मिली।
- एसडीएम बारा के निरीक्षण में जसरा केंद्र में साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं मिली। डॉ. देवेंद्र कुमार कुशवाहा, डॉ. चंदन सिंह, फार्मासिस्ट रमेश चंद्र, त्रिभुवन सिंह, स्टाफ नर्स नीलम सिंह, अनीता, कुकमैन सर्वजीत उपस्थित मिलीं।
- तहसीलदार सदर के निरीक्षण में होलागढ़ केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह व अन्य चिकित्सक उपस्थित नहीं मिले।
- एसीएम तृतीय के निरीक्षण में मऊआइमा केंद्र की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई। दवा रजिस्टर अपडेट नहीं था।
- विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के निरीक्षण में मेजा केंद्र की सफाई व्यवस्था असंतोषजनक पाई गई। डॉ. एसबी प्रसाद एक माह से ज्यादा से अनुपस्थित पाए गए। वहीं डॉ. दीपक तिवारी, डॉ. आशा तिवारी, डॉ. चंद्रशेखर गुप्ता भी अनुपस्थित मिले।
- एसडीएम (न्यायिक) मेजा के निरीक्षण में कौंधियारा केंद्र में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली। नियमित 15 कर्मचारियों में से दो और 31 संविदा कर्मचारियों में से तीन अनुपस्थित पाए गए।
- तहसीलदार फूलपुर ने धनूपुर केंद्र का निरीक्षण किया। सफाई की व्यवस्था असंतोषजनक मिली। अभिलेखों का रख-रखाव अव्यवस्थित पाया गया। वाटर कूलर खराब और पेयजल के स्थान पर गंदगी मिली। कई कर्मचारी अनुपस्थित रहे।



