सर्वपितृ अमावस्या यानी पितृ विसर्जन पर संगम तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजन अर्चन और तर्पण करके अपने पूर्वजों को नम आंखों से विदा किया।
सर्वपितृ अमावस्या यानी पितृ विसर्जन पर संगम तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने विधि विधान से पूजन अर्चन और तर्पण करके अपने पूर्वजों को नम आंखों से विदा किया। यूपी के अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और झारखंड आदि राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त तर्पण के लिए गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम तट पर पहुंचे। तीर्थ पुरोहितों ने तर्पण कराया। भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक पितृ पक्ष होता है। 16 दिनों तक पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण आदि कर्म किए जाते हैं।



