श्रीराम नवमी पर भगवान राम की विधि-विधान से पूजा की गई। संगम तट पर स्थित श्रीराम जानकी मंदिर समेत जिले भर के मंदिरों में भव्य श्रृंगार और पूजा आरती की गई। भय प्रकट कृपाला दीन दयाला… के साथ भगवान की आराधना की गई।
श्रीराम नवमी पर भगवान राम की विधि-विधान से पूजा की गई। संगम तट पर स्थित श्रीराम जानकी मंदिर समेत जिले भर के मंदिरों में भव्य श्रृंगार और पूजा आरती की गई। भय प्रकट कृपाला दीन दयाला… के साथ भगवान की आराधना की गई। भगवान राम का दर्शन कर भक्त निहाल हो गए। संगम तट पर स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर की भव्य सजावट के साथ विशेष पूजा की गई। महंत बलवीर गिरि ने हनुमानजी की आरती उतारी।
आरती में हजारों की संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया। हनुमानजी का दर्शन करने के लिए लंबी कतार लगी रही। जय श्री राम के जयकारों से पूरा संगम क्षेत्र गुंजायमान रहा। सुबह मंगला आरती के साथ शुरू हुआ दर्शन पूजन का दौर पूरे दिन चलता रहा। सुंदरकांड, रामायण और श्रीरामनाम संकीर्तन का आयोजन भक्तों की ओर से किया गया। संगम में डुबकी लगाने के बाद बड़ी संख्या में भक्त नंगे पैर हनुमानजी का दर्शन करने के लिए पहुंचे। यहां पर सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस और महिला सिपाहियों की तैनाती की गई। मंदिर की बारादरी में भक्तों ने हवन और आरती के साथ भगवान राम की आराधना की। भक्तों ने घी के दीये जलाकर भगवान राम से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।

श्री बड़े हनुमान मंदिर में भगवान राम और लक्ष्मण का दिव्य श्रृंगार किया गया। भक्तों ने हनुमानजी के साथ ही राम और लक्ष्मण का दर्शन कर पुष्प अर्पित किया। सुगंधित फूलों से मंदिर के गर्भगृह समेत पूरे मंदिर परिसर को सजाया गया है।
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