Tuesday, February 17, 2026
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Prayagraj : दूसरे दिन भी परेशान हुए यात्री, झूंसी जाने के लिए मनमाना देना पड़ रहा भाड़ा

Prayagraj News : सिविल लाइंस रोडवेज बस स्टेशन के पुनर्विकास के लिए यहां का बस स्टेशन स्थायी रूप से झूंसी में अंदावा के पास शिफ्ट कर दिया गया है। सिविल लाइंस पहुंचने वाले यात्रियों को बस पकड़ने लिए अंदावा जाना पड़ रहा है। यह व्यवस्था रविवार से लागू हो गई है। सोमवार को दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में यात्री परेशान हुए। आटो, बैटरी रिक्शा वालों ने मनमानी किराया वसूला। बाइकर्स भी सक्रिय हो गए हैं।

प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित रोडवेज बस स्टेशन को झूंसी में स्थायी रूप से शिफ्ट किए जाने के बाद यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को गोरखपुर जाने के लिए रोडवेज बस स्टेशन पहुंचे रामबाग के बाबूराम गुप्ता और कीडगंज के शिव श्याम चौरसिया को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोनों परिवार के साथ रहे। आटो वाले ने झूंसी तक पहुंचाने के लिए 400 रुपये की मांग की। उन्होंने कहा कि जितना भाड़ा गोरखपुर तक का नहीं है उतना तो झूंसी तक का लग रहा है। इसी तरह सैकड़ों यात्री परेशान रहे। सुरेश तिवारी ने बताया कि प्रयागराज से गोपीगंज का भाड़ा 89 रुपये है, लेकिन अब प्रयागराज से झूंसी जाने का ही भाड़ा 200 रुपया लिया जा रहा। अगर परिवार साथ में हैं तो 500 से 600 रुपये लग जा रहे हैं। यही हाल हर रूट का है।

 

सिटी बसों में इतनी भीड़ रही कि सामान के साथ तो क्या अकेले भी चढ़ना दूभर रहा। इसी तरह वाराणसी जाने वाले के लिए पहुंचे चौक से रामलाल श्रीवास्तव को भी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने बताया कि वह हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने जाते हैं। आज उनको काफी दिक्कत हो रही है। अगले सोमवार से वह ट्रेन से ही यात्रा करेंगे। बस से बहुतु महंगा पड़ रहा है। भाड़े से ज्यादा तो बस स्टेशन तक पहुंचने में खर्च हो जा रहा है। परिवार के साथ जाने वालों की तो स्थिति और भी खराब है। ऑटो वाले रिजर्व के लिए 800 से 1000 रुपये मांग रहे हैं। वह जैसी सवारी की मजबूरी वैसा रेट निर्धारित कर दिए हैं।

 

झूंसी पहुंचाने के लिए लोकल बसों की कमी के चलते हालात दूसरे दिन भी सामान्य नहीं हो सके। दूर-दराज से आने वाले यात्रियों से लेकर शहर के भीतर सफर करने वाले लोगों को झूंसी रोडवेज तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सिविल लाइंस बस स्टेशन शहर का प्रमुख परिवहन केंद्र है, यहां से प्रतिदिन हजारों यात्री बसों से आवागमन करते हैं। अचानक झूंसी में बस स्टेशन शिफ्ट होने से यात्रियों को न सिर्फ अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, बल्कि परिवहन के साधनों की कमी और अव्यवस्थित व्यवस्था ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।

आटो और बैटरी रिक्शा वालों ने बढ़ा दिया है रेट

बस पकड़ने के लिए झूंसी पहुंचने वाले यात्रियों का आरोप है कि वहां तक पहुंचाने के नाम पर ई-रिक्शा और ऑटो चालक मनमानी वसूली कर रहे हैं। सिविल लाइंस, रेलवे स्टेशन, सिविल अस्पताल और अन्य प्रमुख इलाकों से झूंसी रोडवेज तक जाने के लिए सामान्य किराए से दो से तीन गुना तक पैसा वसूला जा रहा है। कई यात्रियों ने बताया कि 30 से 40 रुपये में होने वाला सफर अब 100 से 150 रुपये तक में कराया जा रहा है।

बाइकर्स भी हुए सक्रिय

स्थिति का फायदा उठाते हुए बाइकर्स भी सक्रिय हो गए हैं। जरूरतमंद यात्रियों को झूंसी रोडवेज पहुंचाने के लिए बाइक सवार 200 से 300 रुपये प्रति सवारी की मांग कर रहे हैं। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बाहर से आने वाले यात्री मजबूरी में यह रकम चुकाने को विवश हैं। कुछ यात्रियों ने बताया कि समय पर बस पकड़ने की जल्दी में उन्हें अधिक पैसे देने पड़े, जबकि कोई वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं था।

सिटी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग

यात्रियों का कहना है कि झूंसी रोडवेज तक पहुंचने के लिए न तो पर्याप्त सिटी बसों की व्यवस्था की गई है और न ही शटल सेवा शुरू की गई है। ऐसे में निजी वाहनों और अवैध रूप से सवारी ढो रहे साधनों पर निर्भरता बढ़ गई है। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि झूंसी रोडवेज तक पहुंचने के लिए तत्काल सिटी बस, ई-बस या शटल बस सेवा शुरू की जाए। साथ ही ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी वसूली पर सख्ती से रोक लगाई जाए। यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती है। फिलहाल सिविल लाइंस से झूंसी तक का सफर यात्रियों के लिए चुनौती बना हुआ है और स्थायी समाधान न होने तक यह समस्या बनी रहने की आशंका जताई जा रही है।

सिविल लाइंस से झूंसी के लिए ई-बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि वहां जाने और शहर की ओर आने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। – रविंद्र कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपी रोडवेज, प्रयागराज परिक्षेत्र

सिविल लाइंस से डग्गमार बसों का भी बंद हो संचालन

उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों की सोमवार को हुई बैठक में कहा गया कि सिविल लाइंस बस स्टेशन बंद होने के बाद भी डग्गामार बसों का संचालन जारी है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि जिला और पुलिस प्रशासन डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। इन वाहनों का संचालन सिविल लाइंस से जारी है। अगर डग्गामार वाहन सिविल लाइंस से चल सकते हैं तो रोडवेज की बसों को भी वापस सिविल लाइंस से ही संचालित किया जाए।

राजापुर स्थित जीरोरोड डिपो कार्यशाला में यूनियन पदाधिकारियों की क्षेत्र प्रभारी राजकुमार शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में डग्गामार बसें आनाधिकृत रूप से सिविल लाइन से संचालित हो रही है । वहां अब भी जाम की स्थिति जस की तस बनी हुई है। जिला प्रशासन इसको नजरअंदाज कर रहा रहा है । राजकुमार शुक्ला ने कहा कि बसों का संचालन बंद हो जाने से आम लोगों को परेशानी हो रही है।

आम जनता की परेशानियों को देखते हुए सिविल लाइन डिपो की बसें सिविल लाइन बस स्टेशन से या शहर मे ही किसी अन्य स्थान से संचालित की जाए। बैठक में क्षेत्रीय मंत्री उमा शंकर मौर्य ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन 25 फरवरी को दिया जाएगा। बैठक में विपिन तिवारी, संतोष मिश्र, देवेंद्र यादव, अनिल कुमार, राकेश कुमार, अशोक कुमार, नीरज मिश्र आदि मौजूद रहे।

 

 

Courtsyamarujala.com

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