Wednesday, February 18, 2026
spot_img
HomePrayagrajPrayagraj : फाफामऊ पुल पर फोन, पर्स छोड़ प्रतापगढ़ के व्यवसायी के...

Prayagraj : फाफामऊ पुल पर फोन, पर्स छोड़ प्रतापगढ़ के व्यवसायी के बेटे ने गंगा में लगाई छलांग

प्रतापगढ़ के कुंडा थाने के पीरा नगर निवासी हरिकेश केसरवानी सिलाई सामग्री का थोक व्यवसाय करते हैं। निखिल केसरवानी (25) उनका इकलौता बेटा था। घर में माता-पिता अलावा एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता ने बताया कि उनका बेटा 12 वीं तक की पढ़ाई करने के बाद उनके व्यवसाय में हाथ बंटाने लगा था।

फाफामऊ पुल पर बुधवार शाम को प्रतापगढ़ के एक व्यवसायी के बेटे ने मोबाइल फोन और पर्स रखकर गंगा में छलांग लगा दी। राहगीरों ने उसे कूदते देखा पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने युवक के फोन से परिजनों को घटना की जानकारी दी। बुधवार दोपहर घटना स्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर युवक का उतराता हुआ शव मिला। युवक ने आत्महत्या क्यों कि इस बात को उसके परिवार वाले भी नहीं बता पाए।

प्रतापगढ़ के कुंडा थाने के पीरा नगर निवासी हरिकेश केसरवानी सिलाई सामग्री का थोक व्यवसाय करते हैं। निखिल केसरवानी (25) उनका इकलौता बेटा था। घर में माता-पिता अलावा एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता ने बताया कि उनका बेटा 12 वीं तक की पढ़ाई करने के बाद उनके व्यवसाय में हाथ बंटाने लगा था। बुधवार शाम को वह किसी काम से निखिल के नंबर पर फोन करने लगे, लेकिन उसका फोन नहीं उठा। शाम करीब छह बजे घर पहुंचकर पत्नी सोना से बेटे के बारे में पूंछा तो उन्हाेंने बताया दोपहर करीब दो बजे फाफामऊ से घर आया था।

इसके बाद बाजार से थोड़ी देर में घर लौटने की बात कहकर निकला था, फिर कुछ पता नहीं चला।उसके थोड़ी ही देर बाद मेंहदौरी पुलिस चौकी के इंचार्ज ने उनके पास फोन कर चौकी पर बुलाया। यहां आने पर पुलिस ने उनके बेटे का फोन और पर्स देकर घटना की जानकारी दी। यह सुनते ही उनके होश उड़ गए। वहीं शाम होने की वजह से युवक की तलाश नहीं की जा सकी। उधर, बृहस्पतिवार दोपहर को घटना से करीब 500 मीटर दूर निखिल का शव पानी में उतराता मिला।

बेटे के लिए कार खरीदने वाले थे, ऐसे छोड़कर चला जाएगा पता नहीं था

बृहस्पतिवार दोपहर बाद निखिल के पिता हरिकेश अपने परिजनों और रिश्तेदारों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि निखिल उनका इकलौता बेटा था। इस वजह से उसे कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी, जो कहता था उसे वह दिला देते थे। कुछ दिन पहले उसने कार लेने की बात कही थी। जल्द ही उसके लिए कार खरीदने वाले थे, लेकिन पता नहीं था कि उनका बेटा उन्हें इस तरह से बेसहारा छोड़कर चला जाएगा। यह कहते हुए हरिकेश फफक पड़े।

 

 

 

Courtsy amarujala.com

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments