स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य) पार्थ सारथी सेन शर्मा पहली बार निरीक्षण करने पहुंचे।
स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद बृहस्पतिवार को प्रमुख सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य) पार्थ सारथी सेन शर्मा पहली बार निरीक्षण करने पहुंचे। शाम सवा छह बजे के करीब एसआरएन पहुंचे प्रमुख सचिव ने सबसे पहले ट्राॅमा सेंटर का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पाया कि दिमाग में झटके आने पर मरीज को दिया जाने वाला इंजेक्शन मौजूद नहीं है। कारण पूछने पर बताया गया कि यह इंजेक्शन अमृत फार्मेसी में उपलब्ध है और यह काफी महंगा है।
इस पर प्रमुख सचिव ने इंजेक्शन को ट्रामा में रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव दवा वितरण केंद्र पहुंचे, जहां पर दवा काउंटर की संख्या बढ़ाने के लिए कहा। वहीं, पैथोलॉजी सेंटर के कोने पर गंदगी देखकर नाराजगी जताई और गली को बंद करने के लिए कहा। प्रमुख सचिव पुरानी बिल्डिंग स्थित ओटी वन भी पहुंचे, जहां पर उन्होंने हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. डीसी श्रीवास्तव को निर्देशित किया कि अस्पताल में छह एनेस्थेटिक हैं, जिनका उपयोग हड्डी विभाग के साथ ट्राॅमा की एक बंद पड़ी ओटी को शुरू करने में भी किया जाए।
अल्ट्रासाउंड मशीन को सुचारु रूप से चलाने के लिए एक चिकित्साधिकारी के लिए भी निर्देश दिए। साथ ही अल्ट्रासाउंड मशीन संचालन के लिए चिकित्साधिकारियों को शॉर्ट टर्म कोर्स कराने की बात कही। प्रमुख सचिव पुरानी बिल्डिंग के वार्ड में पहुंचे, जहां पर उन्होंने मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। वहीं, पोस्टमार्टम की तरफ जाने वाली सड़क को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान उप प्रधानाचार्य डॉ. मोहित जैन, प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरबी कमल, डाॅ. नीलम सिंह, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. उत्सव सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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