घूरपुर थाना क्षेत्र के छोटी कांटी गांव में दो दिन पहले 15 वर्षीय किशोरी सरिता की गला रेतकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतका के पिता रमेश सोनकर को गिरफ्तार किया है।
घूरपुर थाना क्षेत्र के छोटी कांटी गांव में दो दिन पहले 15 वर्षीय किशोरी सरिता की गला रेतकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतका के पिता रमेश सोनकर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पिता ने बताया कि बेटी के चरित्र और चाल-चलन से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। वारदात में पत्नी ने भी पूरा साथ दिया था।
पुलिस के मुताबिक, घटना की रात माता-पिता और सरिता तीनों घर के बाहर मड़ई में साथ सो रहे थे। पिता रमेश ने खाने में पहले से नींद की दवा मिला दी थी। भोजन करने के बाद जब बेटी गहरी नींद में चली गई तो रात करीब 12:30 बजे रमेश पत्नी की मदद से उसे उठाकर घर से करीब 200 मीटर दूर एक खाली प्लॉट में ले गया। वहां दरांती से उसने बेटी का गला रेत दिया। इसके बाद शव को झाड़ियों में छिपाकर दोनों घर लौट आए और ऐसे सो गए जैसे कुछ हुआ ही न हो।
अगली सुबह आरोपी पिता व मां बेटी के न मिलने की बात कहकर उसे सब जगह खोजने लगे। ग्रामीणों ने शव देखा तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई। शुरुआत में पुलिस को तंत्र-मंत्र से जुड़ा मामला लगा क्योंकि घटनास्थल के पास कुछ नींबू, राख और अगरबत्तियां भी मिली थीं। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच में स्पष्ट हुआ कि किशोरी की हत्या धारदार हथियार से की गई है।
पुलिस ने परिजनों से सख्ती से पूछताछ की तो पिता रमेश टूट गया और पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। उसके बयान के मुताबिक, बेटी के बिगड़े बर्ताव से वह मानसिक रूप से परेशान था और उसे परिवार की बदनामी का डर सता रहा था। इसी कारण उसने यह कदम उठाया। यमुनापार डीसीपी विवेक चंद्र यादव ने बताया कि आरोपी पिता रमेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। वारदात में प्रयुक्त दरांती बरामद कर ली गई है। जल्द ही मां को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में आगे जांच की जा रही है।
बिना पर्चे के मिल गई नींद की दवा, उठ रहे सवाल
घूरपुर हत्याकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना डॉक्टर के पर्चे के आरोपी को नींद की दवा आखिर कहां से और कैसे मिल गई। यह दवा खुलेआम मेडिकल स्टोर पर बिक रही है या किसी परिचित ने उसे उपलब्ध कराई। यह भी जांच का विषय है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉग स्क्वॉड की अहम भूमिका
घटना के खुलासे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉग स्क्वॉड की अहम भूमिका रही। डॉग शव से गंध पकड़कर सीधे आरोपी पिता के घर तक जाकर रुक गया जिससे पुलिस को दिशा मिली। वहीं पोस्टमार्टम में गला रेतने और संघर्ष के निशान मिलने पर हत्या की पुष्टि हुई। साक्ष्यों ने पुलिस को सटीक सुराग देकर आरोपियों तक पहुंचा दिया।



