उत्तर मध्य रेलवे ने दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर शनिवार को एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की। पहली बार इस ट्रैक पर एक इंजन को 160 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति से दौड़ाया गया।
उत्तर मध्य रेलवे ने दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर शनिवार को एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की। पहली बार इस ट्रैक पर एक इंजन को 160 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति से दौड़ाया गया। यह ट्रायल टूंडला के मितावली से अलीगढ़ के मडराक स्टेशन के बीच किया गया, जिसमें रेलवे इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ और सुरक्षा अधिकारियों की टीम मौजूद रही।
पूरे रेलवे ट्रैक पर गति बढ़ाए जाने के लिए कम से कम पांच ट्रॉयल किए जाएंगे। इसमें पहली बार में ट्रेन के इंजन को दौड़ाया गया है। इसके बाद बोगियों के साथ ट्रेन दौड़ाई जाएगी, फिर मालगाड़ी को दौड़ाया जाएगा। इसके बाद वंदे भारत एक्सप्रेस तक का ट्रॉयल कराया जाएगा।
दो घंटे कम हो सकेगी दिल्ली से हावड़ा की दूरी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस रफ्तार से चलने वाली ट्रेनें दिल्ली से हावड़ा तक की यात्रा अवधि को करीब दो घंटे तक घटा सकती हैं। साथ ही यह परीक्षण भविष्य में वंदे भारत और अन्य हाई स्पीड ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
रेल कर्मियों में दिखा उत्साह
स्थानीय स्तर पर भी रेलवे कर्मचारियों और रेल प्रेमियों में इस ट्रायल से उत्साह देखा गया। यह सफलता उत्तर मध्य रेलवे के लिए एक तकनीकी उपलब्धि मानी जा रही है, जो भारतीय रेलवे के मिशन रफ्तार को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



