उत्तर मध्य रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की टीम द्वारा पुल का ध्वस्तीकरण किया जाएगा। पुल के ध्वस्तीकरण के दौरान रेलवे द्वारा अलग-अलग दिनों में कुछ घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक भी लिया जाएगा। ट्रैफिक ब्लॉक की अवधि में संबंधित प्लेटफार्म पर ट्रेन का संचालन नहीं होगा। बता दें कि महाकुंभ 2013 के पूर्व ही यह पुल तैयार किया गया था। यह पुल दो हिस्सों में बंटा हुआ है। एक हिस्से से पुल के सभी प्लेटफार्म को जोड़ा गया है तो दूसरे हिस्से से आम लोगों का सिविल लाइंस साइड से सिटी साइड की तरफ आवागमन होता है।
हर रोज सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चे भी इस पुल का उपयोग करते हैं। तमाम बच्चे साइकिल लेकर भी पुल पर चढ़ जाते हैं। अब पुल बंद हो जाने के बाद ऐसे लोग जिनका सिटी साइड से सिविल लाइंस साइड की तरफ नियमित रूप से आवागमन होता है उन्हें अब निरंजन या खुसरोबाग रेल ओवर ब्रिज की तरफ से लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा।
प्लेटफार्म संख्या एक पर स्थित वीआईपी रूम के निकट बना यह पुल सिविल लाइंस साइड स्थित होटल पोलो मैक्स के पीछे यात्रियों को उतारता है। सिटी साइड स्थित आरएमएस और सिविल लाइंस साइड में रेल कोच रेस्टोरेंट के निकट इस पुल पर चढ़ने के लिए एस्केलेटर भी लगा हुआ है। जंक्शन का यह एकमात्र पुल है जो कंट्रोल टावर इमारत को भी जोड़ता है। प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि जंक्शन के पुर्नविकास के तहत इस पुल को ध्वस्त करने के बाद वहां कांकोर्स बनाया जाना है। कहा कि ध्वस्तीकरण कार्य के चलते 30 अप्रैल से यह पुल बंद किया जा रहा है।