Prayagraj Junction : प्रयागराज जंक्शन के मुख्य हाल में प्रयागराज के गुमनाम शहीदों के लिए बनाई गई गैलरी से गुमनाम शहीदों और कलम के क्रांति वीरों के जो चित्र गायब हो गए थे वह एक बार फिर से लगा दिए गए हैं। पिछले दिन कूड़ेदान में शहीदों की गाथा और तस्वीर मिलने पर रेलवे की काफी किरकिरी हुई थी। सोशल मीडिया पर लोगों ने रेलवे की खिंचाई करते हुए इसे शर्मनाक बताया था।
प्रयागराज जंक्शन के मुख्य हाल में प्रयागराज के गुमनाम शहीदों के लिए बनाई गई गैलरी से गुमनाम शहीदों और कलम के क्रांति वीरों के जो चित्र गायब हो गए थे वह एक बार फिर से लगा दिए गए हैं। 15 अगस्त के पहले अमर उजाला द्वारा या मुद्दा उठाए जाने के बाद प्रशासन ने जनसंख्या के मुख्य हाल पर सभी गुमनाम शहीदों की तस्वीर और उनका संक्षिप्त परिचय एक बार फिर से लगा दिया है। अमर उजाला में जब यह खबर छपी तो उसके बाद रेलवे अफसरो ने बयान दिया किपूर्व में लगे चित्र पुराने हो गए थे और कुछ फट भी गए थे। इसी वजह से उन्हें हटाया गया। फिलहाल अब नई तस्वीर रेलवे द्वारा लगा दी गई हैं।
बता दें देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर आजादी का अमृत महोत्सव आयोजन के तहत प्रयागराज जंक्शन पर 2022 में संगम नगरी के चर्चित और गुमनाम शहीदों की याद में एक अनूठी गैलरी बनाया गया था। जंक्शन पर शहीद मुरारी लाल मोहन भट्टाचार्य, शहीद रामचंद्र, अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, शहीद लाल पद्मधर, द्वारिका प्रसाद, महावीर, अब्दुल मजीद, त्रिलोक नाथ कपूर, नियामत उल्ला, हनुमान पंडित, सोहन लाल, सूरज नारायण, महादेवी वर्मा, सुभद्रा कुमारी चौहान, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला आदि की गाथाएं भी हॉल में प्रदर्शित की गई थी।
कूड़ेदान में शहीदों की गाथा मिलने पर हुई थी रेलवे की किरकिरी
महाकुंभ के पहले भी यह तस्वीर बदली गई थी लेकिन महज आठ माह में ही तस्वीरों का फटना और वहां से उखड़ जाना तमाम सवाल खड़े करता है। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने अब नई तस्वीर लगा दी हैं। पिछले सप्ताह एक तस्वीर वायरल हुई थी जिसमें शहीदों की तस्वीर कूड़ेदान में पाई गई थी। जिसके बाद महकमे की काफी किरकिरी हुई थी। सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर खिंचाई करते हुए इसे शर्मनाक बताया था। इसके बाद हरकत में आए रेलवे प्रशासन ने नए सिरे से तस्वीर तैयार कर दीवार और खंभों पर लगवा दिया है।



