पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ द्वारा गुरुवार को प्रयागराज जिले की मेजा तहसील स्थित पंडित कृपाशंकर तिवारी महाविद्यालय में ‘वार्तालाप कार्यक्रम’ (ग्रामीण मीडिया कार्यशाला) का आयोजन किया गया। कार्यशाला में हाल ही में भारतीय संसद द्वारा बनाए गए ‘विकसित भारत – जी राम जी कानून’ तथा केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकारों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उपस्थितजनों द्वारा सामूहिक गायन के साथ की गई।
कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी, विशिष्ट अतिथि एवं वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त उप शिक्षा निदेशक एवं समाजसेवी श्री अशोक नाथ तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार एवं बाल कल्याण समिति, प्रयागराज के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अनूप शुक्ल तथा पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो, उत्तर प्रदेश के निदेशक श्री दिलीप कुमार शुक्ल ने संबोधित किया।

मुख्य अतिथि प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि ‘विकसित भारत – जी राम जी कानून’ सेवा, सुशासन और समृद्धि की भावना पर आधारित एक सशक्त पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि यह कानून प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान करता है, जो मनरेगा के अंतर्गत उपलब्ध 100 दिनों के रोजगार से आगे का कदम है।
अतिथि वक्ता श्री अशोक नाथ तिवारी ने कहा कि यह कानून सरकार की सेवा, सुशासन एवं समृद्धि की नीति को धरातल पर उतारने का माध्यम है, जो देश को विकास की नई दिशा देगा।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास का संकल्प है, जिसकी नींव ग्रामीण विकास पर आधारित है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें गांवों की भूमिका निर्णायक होगी।
उन्होंने बताया कि मजदूरी का भुगतान 7 से 15 दिनों के भीतर अनिवार्य किया गया है तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली, बायोमेट्रिक सत्यापन, जियो-टैगिंग, रियल टाइम मॉनिटरिंग और सोशल ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक श्री अनूप शुक्ल ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार आम नागरिक बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो, उत्तर प्रदेश के निदेशक श्री दिलीप कुमार शुक्ल ने बताया कि 24 जनवरी से 28 जनवरी 2026 के मध्य इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन एंड आउटरीच प्रोग्राम के अंतर्गत पंडित कृपाशंकर तिवारी महाविद्यालय, मेजा में ‘विकसित भारत – जी राम जी कानून’ एवं ‘सेवा, सुशासन एवं समृद्धि’ विषय पर पाँच दिवसीय प्रदर्शनी एवं संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में उक्त कानून के प्रावधानों, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों, प्रयासों तथा गणतंत्र दिवस से संबंधित विषय-वस्तु का प्रदर्शन किया जाएगा।
Anveshi India Bureau



