देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में सफाई मजदूर एकता मंच (ऐक्टू) ने गुरुवार को तेलियरगंज से नगर निगम प्रयागराज तक जुलूस निकाला। इसके बाद कार्यकर्ता पत्थर गिरिजाघर पर आयोजित संयुक्त ट्रेड यूनियन की सभा में शामिल हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम संहिताओं को वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये लागू करने, सभी कर्मचारियों को स्थायी करने, पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने तथा मनरेगा को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग उठाई।
मंच के अध्यक्ष कॉमरेड बलराम पटेल ने कहा कि श्रम संहिताओं के लागू होने से श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां मजदूरों और किसानों के हित में नहीं हैं। ऐक्टू के जिला सचिव कॉमरेड देवानंद ने कहा कि संगठित संघर्ष के माध्यम से सरकार को अपने निर्णय वापस लेने के लिए बाध्य किया जाएगा।
मंच के सचिव कॉमरेड संतोष कुमार ने कहा कि नगर निगम में कार्यरत नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
महामहिम राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में चारों श्रम कानूनों की वापसी, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने, पदोन्नत कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देने, 2006 से कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, पुरानी पेंशन बहाली तथा नगर निगम में स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की गई।
हड़ताल में मंच के पदाधिकारियों सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।
Anveshi India Bureau



