जैन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मौके पर कोई नारेबाजी नहीं की और एएसआई सर्वे के बाद पुलिस के संरक्षण में वहां से लौटे थे। उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ आरोप लगाए गए कि मैं जय श्रीराम के नारे लगाते हुए वहां भीड़ लेकर गया और हिंसा भड़काई, जबकि यह पूरी तरह गलत है। मैं प्रशासन और अधिकारियों के साथ वहां गया था।
तीन नाबालिगों की संलिप्तता की पुष्टि
मुरादाबाद मंडलायुक्त अंजनेय कुमार सिंह ने बुधवार को पुष्टि की कि इस घटना में तीन नाबालिग भी शामिल थे। यह हिंसा मस्जिद पर किए गए सर्वे के दौरान हुई।
अब तक 27 गिरफ्तार, सात एफआईआर दर्ज
पुलिस ने हिंसा के संबंध में अब तक 27 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 25 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। घटना को लेकर सात एफआईआर दर्ज की गई हैं।
मृतकों और घायलों की स्थिति
इस पथराव में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पुलिस- प्रशासन और स्थानीय लोग घायल हुए हैं। संभल में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार सुरक्षा बल तैनात हैं।
पुलिस-प्रशासन की अपील
पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में किसी भी अफवाह या गलत जानकारी को रोकने के लिए कड़ी निगरानी का निर्देश दिया है।