कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप में 1130 प्रतियोगी डिबार कर दिए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 46 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने आयोग की एक ही भर्ती परीक्षा में दो या इससे अधिक बार हिस्सा लिया।
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप में 1130 प्रतियोगी डिबार कर दिए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 46 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने आयोग की एक ही भर्ती परीक्षा में दो या इससे अधिक बार हिस्सा लिया। आयोग की भर्ती परीक्षाओं में अलग-अलग स्तर पर गड़बड़ी और सेंधमारी की शिकायतें लगातार आ रही हैं। दूसरे की जगह परीक्षा देने के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। इन गड़बड़ियों को देखते हुए आयोग की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। अब आवेदकों के लिए आधार अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा एआई का उपयोग भी शुरू कर दिया गया है। इसका परिणाम भी दिखने लगा है।
एक साल में आयोग के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश और बिहार के 1130 अभ्यर्थी डिबार किए गए हैं। इनमें 994 ऐसे अभ्यर्थी हैं जिनकी जगह कोई दूसरा परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। बायोमीट्रिक अटेंडेंस व आधार के सत्यापन के दौरान ये लोग पकड़े गए। वहीं 46 अभ्यर्थी ऐसे मिले जो आयोग की एक ही परीक्षा में दो या इससे अधिक बार शामिल होते हुए पकड़े गए। इस तरह के मामले एमटीएस व सीजीएलई में सामने आए। क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि डिबार किए गए सभी प्रतियोगी अब कर्मचारी चयन आयोग की किसी भी भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। यह सूची अन्य भर्ती आयोगों व संस्थाओं को भी भेज दी गई है। ऐसे लोग अन्य भर्ती संस्थाओं की परीक्षाओं में भी शामिल नहीं हो पाएंगे।
एक से अधिक दिन परीक्षा होने का उठाया फायदा
एसएससी की ज्यादातर भर्ती परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होती हैं। ऐसे में केंद्रों की उपलब्धता को देखते हुए एक ही भर्ती परीक्षा कई दिनों में कराई जाती है। सीजीएलई-2025 भर्ती के लिए 28 लाख प्रतियोगियों ने आवेदन किया था। इनमें से 13.50 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा 126 शहरों के 255 केंद्रों पर हुई। 15 दिनों के दौरान 45 शिफ्ट में परीक्षा आयोजित कराई गई। इसका फायदा उठाते हुए कई अभ्यर्थियों ने इस भर्ती के लिए दो या इससे अधिक आवेदन किए। इन लोगों ने परीक्षा में भी शामिल होने की कोशिश की। खास यह कि इनमें से ज्यादातर ने परीक्षा के लिए जिलों का चयन भी अलग-अलग किया लेकिन बायोमीट्रिक व आधार सत्यापन में ये पकड़ लिए गए।
इसलिए किए गए डिबार
कारण संख्या
गलत दस्तावेज एक
एक ही भर्ती में दो या अधिक बार शामिल हुए 46
दूसरे की जगह परीक्षा देते हुए पकड़े गए 994
फर्जी दस्तावेज लगाकर आवेदन 44
परीक्षा में बाधा पहुंचाने व अन्य अभ्यर्थियों को एग्जाम देने से रोकने में 44
परीक्षा के दौरान अनुचित साधन के साथ पकड़े गए एक
कुल 1130



