अध्यात्म, सनातन परंपरा और वैदिक संस्कृति की पुण्यभूमि प्रयागराज में मंगलवार को ज्योतिर्मठ के उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज का माघ मेला क्षेत्र में पावन आगमन हुआ। उनके आगमन से संगम नगरी में भक्तिभाव एवं आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बन गया।
जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज का स्वागत वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ संतों, शिष्यों एवं श्रद्धालुओं द्वारा किया गया। शिविर में प्रवेश के साथ ही साधना, सत्संग एवं धार्मिक गतिविधियों का शुभारंभ हुआ।
प्रयाग प्रवास के दौरान महाराज जी द्वारा गुप्त नवरात्र के विशेष अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। विदित है कि प्रयाग क्षेत्र माता भगवती ललिता देवी का सिद्ध शक्तिपीठ माना जाता है, जहाँ शक्ति साधना का विशेष महत्व है। यह अनुष्ठान राष्ट्र की सुख-समृद्धि, सनातन धर्म की रक्षा एवं लोक कल्याण के उद्देश्य से किया जा रहा है।
महाराज जी के सान्निध्य में प्रतिदिन सत्संग, धर्मोपदेश, वेदांत प्रवचन एवं भगवती की विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा। उनके आगमन से माघ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।
इस अवसर पर सर्व श्री दण्डी स्वामी अनन्तश्री सदाशिव ब्रह्मेन्द्रानन्द सरस्वती जी, शाकंभरी पीठाधीश्वर सिद्ध भैरव तंत्राचार्य महंत सहजानंद ब्रह्मचारी जी, महंत ब्रह्मचारी श्रीधरानंद जी, श्रीराम सजीवन शुक्ल, विकास शुक्ल, रत्नेश मिश्रा, विवेक शुक्ल, दिलीप तिवारी, योगिराज, मनीष तिवारी, योगेश शुक्ल, सत्यम चौबे, शिवम् तिवारी, ललित तिवारी, कार्तिकेय तिवारी, मनु जैन सहित अन्य संत, विद्वान एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Anveshi India Bureau



